पुरानी टेक्नोलाजी के मीटर लगाने पर बढ़ा विवाद, आयोग ने तलब की पूरी स्टेटस रिपोर्ट

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आयोग ने पावर कारपोरेशन से पूछा 2 जी 3 जी भविष्य में खत्म होने को है ऐसे में कैसे स्मार्ट मीटर में अपग्रेड होगी एडवाॅंस टेक्नोलाजी उस पर क्या आयेगा खर्च?

लखनऊ,12 जुलाई 2019: पूरे प्रदेश में खरीदे गये लगभग 40 लाख स्मार्ट मीटर जिसकी कुल प्रोजेक्ट लागत लगभग 1927 करोड है। जिसकी पुरानी टेक्नोलाजी 2 जी और 3 जी को लेकर विवाद बढता जा रहा है क्योंकि उपभोक्ता परिषद इस बात पर विरोध कर रहा है कि पुरानी टेक्नोलाजी के बजाय क्यों 4 जी टेक्नोलाजी पर नही लग रहे हैं स्मार्ट मीटर।

मामले की गंभीरता को देखते हुये अब उपभोक्ता परिषद द्वारा दाखिल जनहित प्रत्यावेदन पर उप्र विद्युत नियामक आयोग ने पावर कारपोरेशन के प्रबन्ध निदेशक से पूरी स्टेटस रिपोर्ट तलब कर ली है। आयोग अध्यक्ष आर पी सिंह के निर्देश के बाद आयोग के सचिव संजय कुमार सिंह द्वारा उपभोक्ता परिषद के प्रत्यावेदन पर पावर कारपोरेशन के प्रबन्ध निदेशक से उप्र में लग रहे स्मार्ट मीटर पर पूरी रिपोर्ट तलब करते हुये यह भी सूचना मांगी गयी है कि भविष्य में जब 2 जी 3 जी टेक्नोलाजी समाप्त होने को होगी उस समय प्रदेश में उपभोक्ताओं के यहाॅं लग रहे समार्ट मीटर को जिस एडवांस टेक्नोलाजी से बदला जायेगा उस पर क्या खर्च आयेगा उसका ओपेक्स माडल पर क्या प्रभाव पडेगा। आयेाग ने पावर कारपोरेशन द्वारा खरीदे जा रहे मीटर माडम पर भी पूरी रिपोर्ट तलब की गयी है।

पुरानी टेक्नोलाजी को फ्री आफ कास्ट 4 जी टेक्नोलाजी में बदल दिया जायेगा?

गौरतलब है कि उपभोक्ता परिषद द्वारा पहले ऊर्जा मंत्री से अनेकों बार शिकायत के बाद जहाॅं पूरे मामले को नियामक आयोग में एक जनहित प्रत्यावेदन के माध्यम से 4 जून को आयेाग अध्यक्ष को सौंपते हुये यह मुददा उठाया था कि 2 जी 3 जी टेक्नोलाजी धीरे धीरे बन्द हो रही है और 2020 तक 5 जी टेक्नोलाजी देश में आने वाली है। ऐसे में एनर्जी एफिसेन्सी सर्विस लि0 (ईईएसएल) द्वारा पुरानी टेक्नोलाजी के मीटर मीटर कारपोरेशन के आदेश पर खरीद कर उप्र में क्यों लगवाये जा रहे हैं और जब विवाद बढता है तो ईईएसएल द्वारा यह कहा जाता है कि इस पुरानी टेक्नोलाजी को फ्री आफ कास्ट 4 जी टेक्नोलाजी में बदल दिया जायेगा। जो अपने आप में बडा गंभीर मामला है। पूरे प्रदेश में 2 लाख से ज्यादा स्मार्ट मीटर पुरानी टेक्नोलाजी के लगा दिये गये है। और अब पावर कारपोरेशन मीटर माडम भी पुरानी टेक्नोलाजी के लगा रहा है। ऐसे में करोडों अरबों रूपया भविष्य में बर्बाद हो जायेगा।

गंभीर जाॅंच का मामला है: अवधेश वर्मा

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा जिस प्रकार से बिजली कम्पनियाॅं पुरानी टेक्नोलाजी के स्मार्ट मीटर लगाने पर अमादा हैं वह गंभीर जाॅंच का मामला है। उपभोक्ता परिषद द्वारा लम्बे समय से इस पूरे मामले पर लडाई लड रहा है लेकिन बिजली कम्पनियाॅं पुरानी टेक्नोलाजी के मीटर उपभोक्ताओं के परिसर पर लगाने पर जुटी है। आने वाले समय में यह पूरा मामला    एक विवाद का विषय बनेगा और जिसकी जिम्मेदारी कारपोरेशन प्रबन्ध की होगी।

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