भारत की पहली वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज परियोजना ने लिया नया आयाम
लखनऊ। देश की सबसे उन्नत और पहली वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज परियोजना – टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट (1000 मेगावाट) की तीसरी यूनिट बुधवार को विधिवत रूप से वाणिज्यिक उत्पादन में शामिल हो गई। केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर और उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने वर्चुअल माध्यम से इसका शुभारंभ किया।
इस उपलब्धि से परियोजना की अब तक की चालू क्षमता 750 मेगावाट हो गई है, जबकि चौथी और अंतिम यूनिट के जुड़ने पर पूरी 1000 मेगावाट क्षमता सक्रिय हो जाएगी। सबसे खास बात यह है कि यह देश का पहला ऐसा प्रोजेक्ट है जिसमें वेरिएबल स्पीड तकनीक का इस्तेमाल हुआ है। इस तकनीक से पंप और टरबाइन की गति को जरूरत के मुताबिक तुरंत बदला जा सकता है, जिससे बिजली की मांग और आपूर्ति को सेकंडों में बैलेंस किया जा सकता है।

उत्तर प्रदेश को होगा सबसे बड़ा फायदा
ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने बताया कि टिहरी पीएसपी से उत्पन्न बिजली का 25 फीसदी हिस्सा (लगभग 250 मेगावाट) उत्तर प्रदेश को मिलेगा। इससे राज्य में शाम की पीक ऑवर्स में सस्ती और स्थिर बिजली उपलब्ध होगी। साथ ही सौर और पवन ऊर्जा जैसे नवीकरणीय स्रोतों को ग्रिड में बिना किसी रुकावट के जोड़ना आसान हो जाएगा।
श्री शर्मा ने कहा,
“प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रहा है। टिहरी की यह परियोजना उस दिशा में एक और मजबूत कदम है। चौथी यूनिट भी जल्द ही चालू हो जाएगी और इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार हर संभव सहयोग के लिए तैयार है।”
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीपद नाइक, विद्युत मंत्रालय के सचिव पंकज अग्रवाल, उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा) नरेंद्र भूषण समेत कई वरिष्ठ अधिकारी ऑनलाइन मौजूद रहे।
बता दें कि टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट न सिर्फ उत्तर भारत की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा, बल्कि देश को 24×7 स्वच्छ और किफायती बिजली देने के लक्ष्य को और करीब लाएगा।






