ऐप के जरिए अब सीधे आपके घर पहुंचेगा मलिहाबादी आम

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आइसीएआर ने किया विकसित

किसानों का उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने की दृष्टि से केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान के मार्गदर्शन में “सबट्रॉपिकल” मोबाइल ऐप विकसित किया गया है। यह एप किसानों और जनसाधारण दोनों के लिए ही उपयोगी है। मलिहाबाद के बागों से गुणवत्ता युक्त आम सीधे शहरों में ग्राहकों तक एक मोबाइल ऐप की सहायता से पहुंचाया जा सकता है। ऐप के माध्यम से ग्राहक मनचाही क्वालिटी का आम खरीद सकेंगे और किसान भी अपने अपने फसल की जानकारी प्रदान करके उचित मूल्य प्राप्त कर सकेंगे।

इस संबंध में केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, रहमानखेड़ा, लखनऊ के निदेशक डाक्टर शैलेन्द्र राजन ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा दिए गए विचार लोकल टू वोकल से प्रभावित होकर इस ऐप को विकसित किया गया। इस ऐप को उसी के अनुरूप ग्राहक इस ऐप के माध्यम से स्थानीय उत्पादित वस्तुओं को समर्थन दे सकते हैं।

डाक्टर राजन ने बताया कि मध्यस्थों द्वारा लिये जाने वाले मुनाफे का फायदा किसान और ग्राहक दोनों को ही होगा। बागवानी से जुड़े कुटीर उद्योगों को डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रदान करेगा। महिलाओं, एवं छोटे स्तर पर मूल्य संवर्धित पदार्थ बनाने वाले उद्यमियों को यह विभिन्न प्रकार के प्रोडक्ट को बेचने में सहायता प्रदान करेगा। इस एप के द्वारा फलों एवं सब्जियों का ही कारोबार नहीं होगा अपितु कई अन्य वस्तुएं जो किसानों द्वारा उत्पादित की जाती हैं। इसके माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी।

अच्छे ग्राहक का इंतजार नहीं करना पड़ेगा किसानों को

उन्होंने कहा कि किसानों का काफी समय खेती-बाड़ी के अतिरिक्त फसल को मंडी ले जाने और बेचने में भी लग जाता है और कभी कभी अच्छे ग्राहक का इंतजार करने के कारण उन्हें काफी समय बर्बाद करना पड़ता है। इस ऐप के माध्यम से किसानों को मंडी तक फसल ले जाने की समस्या से जूझना नहीं पड़ेगा।

नव उद्यमियों की एक विशेष सप्लाई चैन का होगा सृजन

उन्होंने कहा कि किसानों को अपने खेत से ही फसल को भेजने का अवसर प्राप्त होगा। आमतौर पर बागवानी फसलों में यह संभव नहीं हो पा रहा था है। किसान के खेत में क्या उत्पादित हो रहा है। वह कब उपलब्ध होगा और किस तरह से उसकी मांग है। इन सभी बातों पर इस एप के द्वारा जानकारी प्राप्त करके नवयुवक उद्यमियों की टीम एक विशेष सप्लाई चैन का सृजन करेगी।

आर्गेनिक फलों व सब्जियों की भी आपूर्ति श्रृंखला होगी स्थापित

सामान्य तौर पर ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स को बाजार में अच्छा मूल्य नहीं मिल पाता है क्योंकि अभी ऐसी व्यवस्था नहीं है कि इनकी मांग करने वाले ग्राहक प्रमाणित ऑर्गेनिक फल एवं सब्जियां प्राप्त कर सकें। इस एप के द्वारा भविष्य में ऑर्गेनिक फलों एवं सब्जियों की भी एक आपूर्ति श्रृंखला स्थापित की जाएगी इससे ग्राहकों एवं किसानों दोनों को ही लाभ होगा।

फलों व सब्जियों की ताजगी नहीं होगी प्रभावित

उन्होंने कहा कि खेतों से ग्राहकों तक सब्जी पहुंचने में काफी समय लग जाता है। इस दौरान उनकी ताजगी और पौष्टिकता दोनों कि प्रभावित होती है ऐसी दशा में खेत से ग्राहक तक इन वस्तुओं के पहुंचने के लिए आवश्यक समय को कम करके क्वालिटी के मापदंडों पर खरा उतरा जा सकता है| यह ऐप खेतों से मंडी तक का रास्ता कम करके सीधे खेतों से ग्राहकों तक पहुंचने मैं सहायक होगा।

मूल्य संवर्धन संभव होगा

डाक्टर राजन ने कहा कि संस्थान द्वारा दी गई तकनीकी एवं जानकारी के आधार पर मूल्य संवर्धन संभव होगा और फलों को सुरक्षित रखने से पकाने के अतिरिक्त पैकेजिंग और ग्रेडिंग के अच्छे तरीके अपनाने में सहायता मिलेगी। अच्छी क्वालिटी के फलों एवं सब्जियों को भली-भांति ग्रेडिंग करके बेचने से ब्रांडिंग और मानक स्थापित करने आसान होगा।

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