बसपा प्रमुख ने कहा, कांग्रेस को स्वयं के शासित प्रदेशों में श्रमिकों की मदद के लिए लगा देना चाहिए
लखनऊ, 20 मई 20: बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने श्रमिकों को गाड़ी के नाम पर भाजपा और कांग्रेस के बीच चल रही आपसी खींचतान को घिनौनी राजनीति करार दिया है। इसके साथ ही इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। उन्होंने संदेह जताया है कि कहीं ऐसा तो नहीं ये पार्टिंयां आपसी मिलीभगत से एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करके इनकी त्रासदी पर से ध्यान बांट रहीं है।

बुधवार को सुबह मायावती ने चार ट्वीट किये। एक में उन्होंने लिखा “साथ ही, बीएसपी की कांग्रेस पार्टी को यह भी सलाह है कि यदि कांग्रेस को श्रमिक प्रवासियों को बसों से ही उनके घर वापसी में मदद करनी है अर्थात ट्रेनाें से नहीं करनी है तो फिर इनको अपनी ये सभी बसें कांग्रेस-शासित राज्यों में श्रमिकों की मदद में लगा देनी चाहिये तो यह बेहतर होगा।
दूसरे ट्वीट उन्होंने लिखा कि पिछले कई दिनों से प्रवासी श्रमिकों को घर भेजने के नाम पर खासकर बीजेपी व कांग्रेस द्वारा जिस प्रकार से घिनौनी राजनीति की जा रही है यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण। कहीं ऐसा तो नहीं ये पार्टियाँ आपसी मिलीभगत से एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करके इनकी त्रास्दी पर से ध्यान बांट रही हैं?
मायावती ने कहा कि यदि ऐसा नहीं है तो बीएसपी का कहना है कि कांग्रेस को श्रमिक प्रवासियों को बसों से ही घर भेजने में मदद करने पर अड़ने की बजाए, इनका टिकट लेकर ट्रेनों से ही इन्हें इनके घर भेजने में इनकी मदद करनी चाहिये तो यह ज्यादा उचित व सही होगा।
उन्होंने लिखा कि इन्हीं सब बातों को खास ध्यान में रखकर ही बीएसपी के लोगों ने अपने सामर्थ्य के हिसाब से प्रचार व प्रसार के चक्कर में ना पड़कर बल्कि पूरे देश में इनकी हर स्तर पर काफी मदद की है अर्थात् बीजेपी व कांग्रेस पार्टी की तरह इनकी मदद की आड़ में कोई घिनौनी राजनीति नहीं की है।







