ओड़िशा के बलांगीर की घटना, दो वर्षों से निकल रहा है उल्टी के साथ कोयला
ओड़िशा से लौटकर राहुल गुप्त की रिपोर्ट
मेरठ,26 जुलाई 2019: यह दुनिया कई अनजाने रहस्यों से भरी पड़ी है जब प्रकृति में कई ऐसे रहस्य सामने दिखाई आते हैं तो वह कौतूहल का विषय बन जाते है। किन्तु कुछ रहस्य इंसानों को जब एक अनजानी बीमारी दे जाता है तो उस पीड़ित परिवार के लिये वो पल कितना कष्टकारी हो जाता हैं। इस बात का अंदाजा शायद ही उन वैज्ञानिकों को हो जो इन अनसुलझी रहस्यमयी बीमारी से पर्दा उठाने में कामयाबी नहीं ढूंढे पा रहे हैं!एक ऐसी ही अचम्भित कर देने वाली घटना ओड़िशा के एक गाँव में दो वर्षों से घट रही है। गरीबी के चलते भी वो मजदूर परिवार अपने बेटी के कोयला उल्टी करने की घटना को कई अस्पतालों के कई चिकित्सकों को दिखा चुके, किन्तु यह घटना कई चिकित्सकों की जानकारी के बाद भी दबी रही। इतनी संवेदनहीनता और वो भी एक विचित्र केस में! खैर परिवार वाले भी इसलिये शांत हो जाते कि कोयला जैसे पदार्थ की उल्टी करने के बाद बिटिया नार्मल ही रहती।
उल्टी में कोयला निकलने की जानकारी तो क्षेत्र के लोगों को तब हुई जब पिछले रविवार को खप्राखोल में एक इडली की दुकान में वो बच्ची इडली खा रही थी कि अचानक उसे वहाँ उल्टी होने लगी और उसके मुँह से कोयला जैसा पदार्थ निकला। वहाँ आसपास के लोग इस घटना को देखकर हतप्रभ हो गये। परिजनों और लोगों ने उसे नजदीक के चिकित्सालय में भर्ती कराया।
विज्ञान के लिए चुनौती बनी यह बच्ची:
फिर उसी दिन वो घर भी आ गयी। तीन दिन बाद खप्राखोल के आयुष चिकित्सक मधुमिता मेहेर ने उस बेटी व उसके परिजनों को लेकर बलांगीर भीमभोई मेडिकल काॅलेज के बाल रोग विशेषज्ञ से इस घटना के बारे में बातचीत की। वहाँ के चिकित्सक इस बात पर विश्वास करने से कतराने लगे। उस बेटी हेल्थचेकअप कराया और सबकुछ नार्मल पाया।वापस गाँव लौटने पर वैन में डाॅक्टर मेहेर के सामने ही उस लड़की ने कोयले जैसे पदार्थ की उल्टी की। फिर उस लड़की को लेकर डाॅक्टर मेहेर मेडिकल कालेज पहुँचे और सारा वृतांत सुनाया तथा उल्टी में निकला पदार्थ भी दिखाया। सभी चिकित्सक अचम्भित रहे।
जाँचें जारी नतीजा सिफर?
फिलहाल उस बच्ची को बाल रोग विभाग में भर्ती कर लिया गया है। सीडीएमओ संयुक्ता साहू ने बताया कि यह बात सच है कि उल्टी के दौरान बच्ची के मुँह से कोयला जैसा पदार्थ निकल रहा है। इसकी जाँच चल रही है, रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की स्थिति का आकलन किया जायेगा।
ओड़िशा में खप्राखोल ब्लॉक अंतर्गत बुढ़िबहाल गांव के चुड़ामणी पुटेल ने बताया कि लगभग दो वर्षों से उसकी दस वर्षीय बेटी सस्मिता पुटेल उल्टी करती है तो कोयला निकल रहा है। उन्होंने बताया इसकी शुरुआत तब हुयी जब वह सपरिवार बंगलुरू के एक गाँव में ईंटा भट्ठे में काम के सिलसिले से रहने गये। वहाँ के अस्पतालों में भी दिखाया पर चिकित्सकों ने नार्मल बताकर वापस कर दिया।
वहीं भट्ठे के मालिक ने भी इस घटना को देखकर काम के लिये मनाकर गाँव वापस जाने के लिये कहा। यहाँ भी कुछ-कुछ दिनों में उल्टी के साथ कोयला निकलने की घटना बनी रही। फिर गाँव वालों को जब जानकारी हो गयी तब चिकित्सक मेहेर के प्रयास से बेटी को मेडिकल काॅलेज में भर्ती कर लिया है और जाँचें चल रहीं हैं। ईश्वर जल्द ही हमारी बिटिया को स्वस्थ कर दे।







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In aquaponic methods, fish are farmed to supply food.