बिजली कम्पनियो द्वारा आयोग में दाखिल उत्तर सार्वजानिक होते ही बिजली दर बढ़ोतरी प्रपोजल पर लगा विराम, बिना बिजनेस प्लान नहीं दाखिल होगा बिजली बढ़ोतरी प्रस्ताव
लखनऊ, 04 अगस्त, 2020: उपभोक्ता परिषद् ने दावा किया कि प्रदेश के लगभग 3 करोड़ विद्युत उपभोक्ताओ को कोविद-19 में बड़ी राहत मिलना तय है लम्बे समय से यह बात सामने आ रही थीे कि प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओ की बिजली दरो में इस बार बढ़ोतरी होगी या नहीं उस पर बिजली कंपनियों ने विद्युत नियामक आयोग को वर्ष 2020-21 की वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) पर जो डेफिशियेंसी का जबाब दाखिल किया और वह अब पब्लिक डोमेन में वेबसाइट पर प्रदेश के उपभोक्ताओ के लिए जारी किया है, उसमे बिजली दरो में बढ़ोतरी पर विराम लग गया है ।
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि अपने उत्तर में बिजली कंपनियों ने साफ कर दिया है कि जब तक विद्युत नियामक आयोग द्वारा बिजनेस प्लान अनुमोदित नहीं किया जाता बिना अनुमोदित डाटा के कोरोना माहमारी के मद्दे नजर उपभोक्ताओ की बिजली दरो में बढ़ोतरी का प्रपोसल दाखिल नहीं किया जायेगा । कोरोना माहमारी के मद्दे नजर बहुत सेंसटिव मामला है टैरिफ में बिना अनुमोदित डाटा के बढ़ोतरी .का प्रस्ताव देना अभी ठीक नहीं उपभोक्ता का ख्याल रखना बहुत ही जरूरी है।
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने बिजली दरो में कमी कराने की अपनी लामबंदी को और तेज करते हुए आज सुबह विद्युत नियामक आयोग में एक जनहित प्रत्यावेदन दाखिल कर यह मुद्दा उठा दिया है की चुकी प्रदेश के बिजली कम्पनियां कोरोना माहमारी को देखते हुए बिजली बढ़ोतरी का प्रस्ताव नहीं दाखिल करेगी इसलिए उपभोक्ताओ का जो 13337 करोड़ बिजली कम्पनियो पर निकल रहा उसके यवज में बिजली कम्पनियो का गैप 4500 करोड़ घटा कर बिजली दरो में लगभग 16 प्रतिशत की कमी की जाय।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने नियामक आयोग चेयरमैन आरपी सिंह के सामने जो जनहित प्रत्यावेदन दाखिल किया उसमे कहा अब यह सिद्ध होता है की इस कोरोना काल में उपभोक्ताओ को अतरिक्त बोझ से बचाया जाय इसलिए अब जैसा की आयोग अवगत ही है, वर्ष 2019 -20 के टैरिफ आर्डर में बिजली उपभोक्ताओं का उदय व ट्रूअप में वर्ष 2017-18 तक कुल लगभग रुपया 13337 करोड़ बिजली कम्पनियो पर निकल रहा है। जिसे आगे उपभोक्तओ को पाश किया जायेगा आयोग ने कहा था । जो अब कैरिंग कॉस्ट 13 प्रतिशत जोड़ कर लगभग रुपया 14782 करोड़ हो गया है जिसको पूरा उपभोक्तओ को यदि आयोग पास आन करे तो लगभग 25 प्रतिशत बिजली दरों में कमी होगी वही बिजली कम्पनियो के 4500 करोड़ के गैप को घटा दिया जाय फिर भी बिजली दरों में 16 प्रतिशत की कमी होनी चाहिए।







