आयोग का आदेश: आधी अधूरी पडी मल्टीस्टोरी के आधारभूत ढाॅंचे को अविलम्ब बिजली कम्पनियाॅं तैयार कर उपभोक्ताओं को दे सुचारू विद्युत आपूर्ति
उप्र विद्युत नियामक आयोग द्वारा सिंगल प्वाइंट कनेक्शन को मल्टीप्वाइंट कनेक्शन में बदलने में आ रही समस्याओं पर विगत दिनों सभी बिजली कम्पनियों मध्याॅंचल, पश्चिमाॅंचल, पूर्वांचल, दक्षिणाॅंचल व नोयडा पावर कम्पनी के प्रबन्ध निदेशकों के साथ सुनवाई के बाद आयोग की पूर्ण पीठ चेयरमैन आर पी सिंह, सदस्यगण कौशल किशोर शर्मा व विनोद कुमार श्रीवास्तव ने एतिहासिक फैसला सुनाते हुये बिल्डरों की मनमानी पर नकेल कस दी है।
आयोग द्वारा सुनाये गये अपने फैसले में कहा गया है कि किसी भी मल्टीस्टोरी काम्पलेक्स में यदि वहाॅं पर रहने वाले 49 प्रतिशत उपभोक्ता यह लिखकर दे देते हैं कि उन्हें मल्टीप्वाइंट कनेक्शन में कनवर्ट होना है यानि कि विभाग से कनेक्शन लेना है उस दशा में ऐसे उपभोक्ताओं से केवल बिजली कनेक्शन शुल्क व मीटर कास्ट लेकर उन्हें विभाग को कनेक्शन देना होगा।
आयेाग ने अपने फैसले में कहा है कि सभी मल्टीस्टोरी काम्पलेक्स जहाॅं पर बुनियादी ढाॅंचा अधूरा है उसे कम्पनियों को तैयार कर उपभोक्ताओं को सुचारू विद्युत आपुर्ति करना उनकी जिम्मेदारी होगी साथ ही आयोग ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि बिजली मीटर से केवल मीटर का ही शुल्क वसूला जायेगा। आयोग के इस फैसले के बाद बिल्डरों की मनमानी पर लगाम कसेगी।
इस मामले में उप्र राज्य विद्युत उपभेाक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि पूरे यूपी में अभी तक लगभग 406 मल्टीस्टोरी बिल्डिंग सिंगल प्वाइंट कनेक्शन से मल्टीप्वाइंट में कनवर्ड हो चुके हैं और लगभग 197 मल्टीस्टोरी बिल्डिंग ऐसी हैं जो सिंगल प्वाइंट से मल्टीप्वाइंट कनेक्शन में कनवर्ट होने का आप्शन दे दिया है और उन्हें बिजली कम्पनियों द्वारा कनवर्ट किया जाना बाकी है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 576 मल्टीस्टोरी बिल्डिंग ऐसी हैं जिनके उपभोक्ताओं ने सिंगल प्वाइंट कनेक्शन का ही आप्शन दिया है उन्हें बिजली कम्पनियों को फायदा बताकर मल्टीप्वाइंट में कनवर्ट होने के लिये कहा जायेगा। ऐसा आयोग की मंशा है। केवल अब उसी दशा में सिंगल प्वाइंट कनेक्शन कनवर्ट होने से बचेगा जहाॅं रहने वाले 51 प्रतिशत फ्लैट मालिक यह लिखकर देंगे उन्हें सिंगल प्वाइंट में ही रहना है।







