नई दिल्ली, 29 नवंबर 2018: सियासी उठापटक के बीच जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने बुधवार को संकेत दिए कि उन्हें उनके बयान की वजह से मेरा तबादला हो सकता है। उन्होंने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर से बाहर भेजा जा सकता है। उन्होंने कहा था कि नई दिल्ली (केंद्र सरकार) पीपुल्स कांफ्रेंस के नेता सज्जाद लोन को जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहती थी।
उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेता गिरधारी लाल डोगरा की पुण्यतिथि के अवसर पर हुए एक कार्यक्रम में कहा कि, ‘जब तक मैं यहां हूं, मैं यहां हूं। यह मेरे हाथ में नहीं है। लेकिन, तबादले का डर बना हुआ है।’
उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं पता मेरा यहां से कब तबादला हो जाएगा। लेकिन जब तक मैं यहां हूं, मैं लोगों को आश्वस्त करता हूं कि जब भी आप मुझे बुलाएंगे, मैं आ जाऊंगा।’
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मलिक ने 24 नवम्बर को ग्वालियर में सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि अगर वह जम्मू एवं कश्मीर के राजनीतिक संकट के लिए दिल्ली के दिशा-निर्देशों की ओर देखते तो उन्हें भाजपा समर्थित सज्जाद लोन को मुख्यमंत्री बनाना पड़ता। मलिक ने कहा, लेकिन वह ऐसा करना नहीं चाहते थे। उनके बयान पर विवाद होने के बाद, राजभवन ने एक बयान जारी कर कहा था कि राज्य विधानसभा भंग करने के दौरान राज्यपाल ने निष्पक्ष निर्णय लिया।







