नई दिल्ली 24 अक्टूबर 2018। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राफेल डील मामले मोदी सरकार को घेरते हुए ट्वीट करते हुए कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई को बीबीआई यानी ‘बीजेपी ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन’ कहा जाना ठीक होगा।
सीबीआई अब बीबीआई (बीजेपी ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) बन गई है: ममता बनर्जी
बता दें कि केंद्र सरकार ने बुधवार को सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया है। सीबीआई निदेशक वर्मा व विशेष निदेशक अस्थाना के बीच एक दूसरे पर रिश्वत लेने के आरोपों-प्रत्यारोपों के बीच यह निर्णय लिया गया। ममता बनर्जी ने ट्वीट किया, सीबीआई अब बीबीआई (बीजेपी ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) बन गई है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।” केंद्र सरकार ने संयुक्त निदेशक एम. नागेश्वर राव को सीबीआई निदेशक के कर्तव्यों व कार्यो को संभालने का निर्देश दिया है।
सीबीआई चीफ आलोक वर्मा को छुट्टी पर क्यों भेजा गया: राहुल गांधी
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को ट्वीट कर प्रधानमंत्री पर हमला बोलते हुए लिखा सीबीआई चीफ आलोक वर्मा राफेल घोटाले के कागजात इकट्ठा कर रहे थे। उन्हें जबरदस्ती छुट्टी पर भेज दिया गया। प्रधानमंत्री का मैसेज एकदम साफ है जो भी राफेल के इर्द गिर्द आएगा। हटा दिया जाएगा, मिटा दिया जाएगा। देश और संविधान खतरे में हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री केजरीवाल ने एक ट्वीट किया- ‘क्या राफेल करार और आलोक वर्मा के बीच कोई संबंध है? क्या आलोक वर्मा राफेल में जांच शुरू करने जा रहे थे, जो मोदी जी के लिए समस्या बन सकती थी?
सीबीआई डायरेक्टर को गलत तरीके से हटाया गया: प्रशांत भूषण
दूसरी ओर, आलोक वर्मा की ओर से सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार के आदेश को चुनौती देने वाले सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण ने भी ऐसी संभवना व्यक्त की है। उन्होंने कहा शायद राफेल की जांच से बचने के लिए मोदी सरकार ने आलोक वर्मा को हटाया है। उन्होंने कहा ‘सीबीआई डायरेक्टर को गलत तरीके से हटाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने तय किया था कि सीबीआई डायरेक्टर का टर्म दो साल का फिक्स होगा और सिर्फ सेलेक्शन कमेटी ही सीबीआई डायरेक्टर को हटा सकता है। मैं शुक्रवार को एक याचिका दायर करूंगा।







