लखनऊ, 06 दिसम्बर 2018: बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर बीजेपी की दलित सांसद सावित्रीबाई फुले ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। बता दें कि उत्तर प्रदेश के बहराइच से बीजेपी की लोकसभा सांसद और दलित नेता सावित्रीबाई फुले आरक्षण मुद्दे पर भाजपा से नाराज चल रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा समाज को बांटने की राजनीति कर रही है।
बता दें कि बहराइच से बीजेपी सांसद सावित्री बाई फुले अपने बयानों को लेकर आये दिन सुर्खियों में बनी रहती हैं। हाल ही में उन्होंने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा था।

मालूम हो कि योगी आदित्यनाथ द्वारा राजस्थान के अलवर में एक चुनावी रैली के दौरान भगवान् हनुमान जी को दलित बताने के बाद सांसद सावित्री बाई फुले ने मंगलवार को कहा था कि हनुमानजी दलित और मनुवादियों के गुलाम थे। उन्होंने कहा कि अगर लोग कहते है कि भगवान राम है और उनका बेड़ा पार कराने का काम हनुमानजी ने किया था, उनमें अगर शक्ति थी तो जिन लोगों ने उनका बेड़ा पार कराने का काम किया, उन्हें बंदर क्यों बना दिया?
दलित सांसद होने के कारण मेरी बातों को अनसुना किया गया। आज मैं भाजपा से इस्तीफा दे रही हूँ। संविधान को समाप्त करने की साजिश की जा रही है। दलित और पिछड़ा का आरक्षण बड़ी बारीकी से समाप्त किया जा रहा है। 23 दिसम्बर को रमाबाई मैदान में महारैली होगी। – सावित्री बाई फुले







