मुख्यमंत्री एवं केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने बस्ती में 1,015 करोड़ की परियोजनाओं का किया शिलान्यास
लखनऊ: 09 अक्टूबर, 2018: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गड़करी द्वारा आज जनपद बस्ती में 1015 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। इसमें 55 किमी0 लम्बे ऐतिहासिक महत्व वाले ‘रामजानकी मार्ग (एन0एच0 227-ए) का अयोध्या छावनी से लेकर रामपुर तक के हिस्से का 315 करोड़ रुपए़ की लागत से चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य, 250 करोड़ रुपए़ की लागत से रामपुर से सिकरीगंज तक के 35 किमी0 मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढीकरण तथा 450 करोड़ रुपए की लागत से 14 किमी0 लम्बे बस्ती रिंग रोड (फेज-1) के निर्माण कार्य का शिलान्यास शामिल हैं। इस अवसर पर घाघरा नदी पर फैजाबाद से मंझी घाट तक 354 किमी लम्बे राष्ट्रीय जल मार्ग-40 के विकास कार्य का भी शिलान्यास किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामजानकी मार्ग ऐतिहासिक ही नहीं, एक पौराणिक मार्ग भी है। इसके निर्माण के बाद मात्र साढे़ तीन घण्टे में अयोध्या से जनकपुर पहुंचा जा सकेगा। राज्य सरकार प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि आज जिन परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है, उससे क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी।
इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी ने कहा कि वे विगत वर्ष जनपद बस्ती आये थे और उन्होंने रामजानकी मार्ग के शिलान्यास के लिए आश्वासन दिया था। भगवान श्री राम हमारे आदर्श हैं तथा उनसे जुड़े हुए मार्ग का शिलान्यास करने पर वे गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। भगवान श्री राम के साथ-साथ भगवान महावीर एवं भगवान गौतम बुद्ध से सम्बन्धित स्थलों पर भी कार्य किए जाने हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सड़कों के निर्माण से राष्ट्र निर्माण को भी गति मिल रही है। वर्ष 2014 में जहां 7,611 किमी0 राष्ट्रीय राजमार्ग थे, अब 14,800 किमी0 राष्ट्रीय मार्ग हैं। सरकार का उद्देश्य सड़कों के माध्यम से देश की तस्वीर को बदलना है। यातायात की व्यवस्था को बेहतर करना तथा उत्तर प्रदेश के पश्चिमी, पूर्वी एवं मध्य भागों में सड़कों का जाल बिछाना सरकार का उद्देश्य है।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि गंगा निर्मल योजना के तहत 225 करोड़ रुपए की लागत से कार्य शुरू हो चुका है। केन्द्र सरकार का उद्देश्य जल परिवहन को बढ़ावा देना भी है। इसके तहत वाराणसी से लेकर हल्दिया तक 07 जल पोर्ट बनाये जायेंगे। इस कार्य पर लगभग 1700 करोड़ रुपए की धनराशि का व्यय प्रस्तावित है। साथ ही, प्रयाग कुम्भ-2019 के लिए भी वहां पर पुल के निर्माण एवं अन्य आधारभूत संरचना के विकास के निर्देश दिये गये है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए कार्य कर रही हैं। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
गंगा व यमुना में लगभग 40 स्थानों पर गिरने वाले नालों के दूषित जल के शोधन के लिए जियो ट्यूब को लगाया जाएगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की महत्वाकांक्षी योजना ‘नमामि गंगे’ कार्यक्रम के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि गंगा जी की अविरलता को बनाए रखे। उन्होंने कहा कि गंगा जी में गिरने वाले सभी नालों इत्यादि का 15 दिसम्बर, 2018 से पूर्व समाधान किया जाए। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि इस तिथि के उपरान्त गंगा जी में किसी भी प्रकार की गन्दगी नहीं गिरेगी।
उन्होंने कहा कि नाले के पानी को शोधित करने के लिए कई तकनीक है। औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले दूषित जल के शोधन के लिए जहां एसटीपी लगाकर पानी को शोधित किया जा रहा है, वहीं एक नयी तकनीक जियो ट्यूब द्वारा रेमिडिएशन का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गंगा व यमुना में लगभग 40 स्थानों पर गिरने वाले नालों के दूषित जल के शोधन के लिए जियो ट्यूब को लगाया जाएगा।







