- मुख्यमंत्री ने इजराइल के सहयोग से बस्ती व कन्नौज में फल एवं सब्जी के लिए क्रमशः स्थापित ‘सेंटर आॅफ एक्सीलेंस’ का लोकार्पण किया
- उप्र व जापान के मध्य कृषि निवेश के संबंध में एमओयू भी किया गया
लखनऊ: 26 अक्टूबर, 2018: भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने यहां इण्डियन इंस्टीट्यूट आॅफ शुगर रिसर्च में आयोजित त्रिदिवसीय ‘कृषि कुम्भ’ अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रर्दशनी-2018 का आज वीडियो काॅन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से उद्घाटन किया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है। यह सम्मेलन आने वाले दिनों में कृषि को बेहतर बनाने की दिशा में नये रास्ते खोलेगा।
उन्होंने कहा कि हम किसान को आगे नहीं लाते हैं, बल्कि किसान देश को आगे ले जाता है। इसीलिए किसान की खुशहाली में ही देश की समृद्धि छिपी है। उत्तर प्रदेश में हो रहे प्रयास केन्द्र सरकार की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा हैं, जिसमें गाँव व किसान हमारे आर्थिक चिन्तन का प्रखर हिस्सा बने हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सिंचाई के लिए पम्प की आवश्यकता होती है। इसके दृष्टिगत सरकार सौर पम्प को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। आने वाले समय में करीब 28 लाख किसानों को सौर पम्प मुहैया कराये जायेंगे। इन सौर पम्पों के माध्यम से किसानों को विद्युत वितरण कम्पनियों को बिजली बेचने का लाभ भी मिलेगा। इससे कल तक जो किसान अन्न दाता कहलाता था, वह ऊर्जा दाता भी बन जायेगा।
खेत की हर चीज सोना होती है: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री ने कहा कि विज्ञान का सीधा लाभ किसानों को मिले यह आज की आवश्यकता है। किसानों की बेहतरी के लिए वैज्ञानिकों को भी किसानों के हितों को ध्यान में रखकर अन्वेषण करना चाहिये। खेत की हर चीज सोना होती है। आवश्यकता है उस जौहरी की जो कचरे को भी कंचन बना सके। इसलिए फसल अवशेष को जलाकर उसे नष्ट करने के स्थान पर उसके अन्य चीजों में उपयोग को बढ़ावा देना आवश्यक है।
अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से कृषि कुम्भ का आयोजन किया जा रहा है। किसान कृषि उपज के लिए जागरूक हो सकें एवं कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकें तो निःसंदेह कृषक समृद्ध होगा।

प्रदेश अपनी उर्वरा शक्ति के कारण देश व दुनिया में जाना जाता है: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश अपनी उर्वरा शक्ति के कारण देश व दुनिया में जाना जाता है। यदि किसान को सही जानकारी उपलब्ध हो जाये तो उत्तर प्रदेश की धरती में इतनी क्षमता है कि पूरी दुनिया के लिए खाद्यान्न का उत्पादन कर सकती है। जरूरत है कि तकनीक को अपनाया जाये। कृषि विज्ञान केन्द्र के माध्यम से कृषकों को काफी लाभ हुआ है। किसानों ने अपने पुरुषार्थ से प्रदेश को समृद्ध बनाने का काम किया है। आज उत्तर प्रदेश दुग्ध, आलू व गन्ना उत्पादन में पहले स्थान पर आ गया है।
भूमि की उर्वरा शक्ति को मापने के लिए स्वाॅयल हेल्थ कार्ड की व्यवस्था:
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भूमि की उर्वरा शक्ति को मापने के लिए स्वाॅयल हेल्थ कार्ड की व्यवस्था की है। प्रदेश सरकार ने पिछले डेढ़ वर्षाें में रिकाॅर्ड संख्या में किसानों को स्वाॅयल हेल्थ कार्ड जारी किये हैं। साथ ही, सिंचन व्यवस्था को भी बेहतर बनाया गया है। अब तक 01 लाख 98 हजार हेक्टेयर में सिंचाई की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ना किसानों की बेहतरी के लिए राज्य सरकार कृत संकल्पित है। इसके तहत नई चीनी मिलों का संचालन किया जा रहा है। प्रदेश में नवम्बर के प्रथम सप्ताह से गन्ना पेराई सत्र की शुरुआत की जाएगी। आने वाले समय में जब शुगर से एथेनाॅल बनाने का कार्य होगा, तब किसानों की आर्थिक दशा में और सुधार देखने को मिलेगा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से किसानों को काफी लाभ मिल रहा है। केन्द्र सरकार के अथक प्रयासों से किसानों का जीवन समृद्ध हुआ है।
अपने सम्बोधन में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि वर्तमान में देश को प्रधानमंत्री व उत्तर प्रदेश को मुख्यमंत्री का कुशल नेतृत्व प्राप्त हो रहा है, जिससे विकास को नई गति मिली है। प्रधानमंत्री जी ने सभी बुनियादी सुविधाओं से आमजन को जोड़ने का काम किया है, जिससे प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में बदलाव देखने को मिल रहा है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री जी ने इजराइल के सहयोग से जनपद बस्ती व जनपद कन्नौज में फल एवं सब्जी के लिए क्रमशः स्थापित ‘सेंटर आॅफ एक्सीलेंस’ का लोकार्पण भी किया। साथ ही, उत्तर प्रदेश व जापान के मध्य कृषि निवेश के संबंध मंे एमओयू भी किया गया। इन दोनों देशों के पास कृषि को बढ़ाने के लिए अच्छी तकनीक है। जिसका लाभ प्रदेश के किसानों को मिलेगा। इन प्रयासों से किसानों की आय दोगुनी करने के प्रधानमंत्री जी के संकल्प को साकार करने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मंत्रिगण, बिहार के कृषि मंत्री श्री प्रेम कुमार व उत्तराखण्ड के कृषि मंत्री श्री सुबोध उनियाल, पार्टनर कन्ट्री इजराइल के राजदूत श्री माया काडोश, पार्टनर कन्ट्री जापान के डिप्टी असिस्टेन्ट मिनिस्टर श्री तकामी नकाडा, मुख्य सचिव डाॅ अनूप चन्द्र पाण्डेय, कृषि उत्पादन आयुक्त डाॅ प्रभात कुमार, प्रमुख सचिव कृषि श्री अमित मोहन प्रसाद, जनप्रतिनिधिगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, विनिर्माता तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।







