कांग्रेस मुद्दाविहीन है, गांधी का सौ बार बोला गया झूठ, सच की जगह नहीं ले पाएगा: गोयल
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर 2018: राफेल सौदे पर चौतरफा घिरी भाजपा ने सरकार का बचाव करते हुए राहुल गांधी पर शुक्रवार को पलटवार करते हुए पीयूष गोयल ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार को लेकर मुद्दाविहीन कांग्रेस अध्यक्ष राफेल के साफ सुथरे और पारदर्शी सौदे को लेकर बार-बार और जोर-जोर से झूठ बोल रहे हैं तथा डसॉल्ट एविएशन्स एवं रिलांयस के बीच 2012 में हुए ऑफसेट करार का ठीकरा मोदी सरकार के माथे फोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
आरोपों पर राहुल चुप क्यों :
उन्होंने कहा कि गांधी सरकार पर तो झूठे आरोप लगा रहे हैं लेकिन कांग्रेस के सामने खड़े गंभीर सवालों पर चुप्पी साधे हुए हैं। वह नहीं बता रहे हैं कि संजय भंडारी कौन है और उनके परिवार से भंडारी का क्या रिश्ता है। क्या यह सच नहीं है कि 2012 में राफेल सौदे को इसीलिए रद्द कर दिया गया था कि उसमें संजय भंडारी की कंपनी को ऑफसेट करार में शामिल नहीं किया गया था। यानी गांधी परिवार को शामिल नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय में सब कुछ साफ हो जाएगा। गोयल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार की करतूतों को छिपाने के लिए बुनियादी आंकड़ों एवं तयों में छेड़छाड़ की जा रही है।
राहुल के पास सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा ही नहीं है: पीयूष गोयल
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केन्द्रीय कोयला एवं रेल मंत्री पीयूष गोयल ने यहां पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भारत के लोगों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर पूर्ण विश्वास है और गांधी का सौ बार बोला गया झूठ, सच की जगह नहीं ले पाएगा। गांधी के पास मोदी सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा ही नहीं है। गोयल ने कहा कि फ्रांस सरकार के बयान और अब डसॉल्ट एविएशंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के बयान ने इस झूठ का पर्दाफाश कर दिया है। अब यह झूठ कोई सुनने को तैयार नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कल उच्चतम न्यायालय के फैसले को लेकर भी कांग्रेस ने झूठ बोला है। अदालत ने साफ कर दिया है कि उसे कीमत नहीं जाननी है क्योंकि इससे सुरक्षा को खतरा हो सकता है। भाजपा नेता ने कहा कि गांधी सिलसिलेवार ढंग से झूठ फैलाने का काम कर रहे हैं। रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी को छुट्टी पर भेजे जाने, फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री को चोर कहे जाने, राफेल सौदे में गोपनीयता के प्रावधान और राफेल के दाम को लेकर जानबूझ कर भ्रामक बातें कहीं हैं। संसद में भी फ्रांस के राष्ट्रपति के साथ बातचीत को लेकर गलतबयानी की गयी जिसका फ्रांस सरकार ने खंडन किया।
उन्होंने कहा कि राफेल की बुनियादी कीमत और हथियारों से लैस विमान की कीमत की तुलना करना, बीज और वृक्ष के फल की तुलना करना होगा। वह यह भी झूठ बोल रहे हैं कि मंत्रिमंडल की सुरक्षा संबंधी समिति को नहीं बताया गया। ऐसा न तो हुआ है और न ही होता है। सभी प्रक्रिया के पालन के बाद ही देश की सुरक्षा के लिए एक साहसिक निर्णय लिया गया और एक साफ सुथरा एवं पारदर्शी सौदा किया गया।







