अब होगी तुरंत गिरफ़्तारी, बिल को इसी हफ्ते संसद में पेश करेगी सरकार
नई दिल्ली, 02 अगस्त 2018: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निरोधक अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दे दी है। इसके बाद मोदी सरकार संशोधित बिल को मौजूदा संसद सत्र में ही पेश करेगी।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मोदी सरकार की दलित विरोधी छवि बनने का दावा किया जा रहा था। अब मोदी सरकार ने बिल में संशोधन का फैसला किया है, सुप्रीम कोर्ट ने इसी साल की शुरुआत में एससी -एसटी एक्ट के प्रावधानों को यह कहते हुए निरस्त कर दिया था कि उनका दुरुपयोग देखा गया है कोर्ट के इस फैसले के बाद दलित संगठनों ने कई राज्यों में विरोध- प्रदर्शन किया था। जिसके चलते कई जगह हिंसक घटनाएं भी सामने आई थी।
कोर्ट के फैसले के बाद से ही मोदी सरकार 10 फुट पर नजर आ रही थी और कांग्रेस समय दूसरे विपक्षी दल सरकार दलित विरोधी होने का आरोप लगा रहे थे। यहां तक कि दलितों का नेतृत्व करने वाले सहयोगी दलों ने भी सरकार से इस दिशा में कदम उठाने की मांग की थी, इतना ही नहीं हाल ही में जब सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस एके गोयल को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल का अध्यक्ष नियुक्त किया गया तो इसका पुरजोर विरोध भी किया गया था।
दरअसल एके गोयल ने ही सुप्रीम कोर्ट में रहते हुए एससी -एसटी एक्ट के कुछ प्रावधानों को निरस्त करने का आदेश दिया था। जिसके चलते इसका विरोध किया गया था।
ज्ञात हो कि उच्चतम न्यायालय ने गत 20 मार्च को इस कानून के कुछ सख्त प्रावधानों को हटा दिया था। जिससे इससे जुड़े मामलों में तुरंत गिरफ्तारी पर रोक लग गई थी इसके अलावा आरोपी जमानत लेने की अनुमति नहीं मिल गई थी संगठनों ने इसका विरोध करते हुए आगामी 9 अगस्त को भारत बंद का आह्वान किया था।







