मुंबई इंडियंस बना चौथी बार चैंपियन

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रोमांचक मुकाबले में चेन्नई सुपरकिंग्स को एक रन से हराया

नई दिल्ली, 13 मई 2019: मुंबई इंडियंस ने रोमांचक मुकाबले में रविवार को हैदराबाद में चेन्नई सुपर किंग को 1 रन से हराकर चौथी बार आईपीएल चैंपियनशिप बनने का ऐतिहासिक गौरव हासिल कर लिया। बता दें कि चेन्नई को निर्धारित 20 ओवरों में जीत के लिए 150 रन बनाए थे लेकिन टीम 148 रन बनाकर ही रह गई और इस प्रकार मुंबई इंडियंस चौथी बार फिर चैंपियन बन गयी।

खास यह रहा कि इन दोनों टीमों के बीच हमेशा पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती है और इस बार भी यह क्रम जारी रहा। शायद यही सोचकर रोहित शर्मा ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। मुंबई ने इससे पहले 2013, 2015 और 2017 में खिताब जीते थे और इस तरह से उसने एक साल छोड़कर खिताब जीतने का क्रम जारी रखा। उसने 2013 और 2015 के फाइनल में भी चेन्नई को हराया था।

रोहित शर्मा ने कप्तान के रूप में चौथा खिताब भी जीता। मुंबई की जीत में उसके गेंदबाजों ने अहम भूमिका निभायी। बुमराह और चाहर ने अपने कोटे के चार-चार ओवरों में 14-14 रन दिए और क्रमश: दो और एक विकेट हासिल किया। मिशेल मैकलेनगन ने भी चार ओवर में 24 रन दिए। मुंबई का क्षेत्ररक्षण हालांकि अच्छा नहीं रहा। अकेले वाटसन को ही तीन जीवनदान मिले।

इससे पहले दीपक चाहर ने मुंबई को बड़ा स्कोर नहीं बनाने दिया था। दीपक चाहर 26 रन देकर तीन विकेट लेने में सफल रहे। उनके अलावा इमरान ताहिर (23 रन देकर दो) और ठाकुर (37 रन देकर दो) ने भी अच्छी गेंदबाजी की। मुंबई की तरह चेन्नई का शीर्ष क्रम भी लड़खड़ा गया।

फाफ डुप्लेसिस (13 गेंदों पर 26 रन) ने जिस तरह से चौथे ओवर में क्रुणाल पंड्या की तीन गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया उससे मुंबई के समर्थक बैचेन थे लेकिन दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज ने इसी ओवर में अति उत्साही शॉट लगाने के प्रयास में अपना विकेट इनाम में दे दिया। वाटसन ने जमने में ज्यादा समय नहीं लगाया और लसिथ मलिंगा पर दो चौके और छक्का जड़कर हाथ खोले, लेकिन दूसरे छोर से विकेट गिरने से वह धीमे पड़ गए। सुरेश रैना (14 गेंदों पर आठ रन) को दूसरी बार डीआरएस से जीवनदान नहीं मिला।

बुमराह ने नए बल्लेबाज अंबाति रायुडू (एक) को आते ही विकेट के पीछे कैच करवा दिया लेकिन टर्निंग प्वाइंट तब आया जब महेंद्र सिंह धोनी (आठ गेंदों पर दो रन) ओवररो पर दूसरा रन लेने के प्रयास में रन आउट हो गए। पंद्रह ओवर के बाद चेन्नई चार विकेट पर 88 रन बनाकर संघर्ष कर रहा था। ऐसे मौके पर ड्वेन ब्रावो (15) ने मलिंगा के अगले ओवर में छक्का जबकि वाटसन ने तीन चौके लगाए।

इस बीच राहुल चाहर ने वाटसन को तीसरा जीवनदान दिया और जब टीम को 18 गेंदों पर 38 रन की दरकार थी तब इस आस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने क्रुणाल पर लगातार तीन छक्के लगाए।

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