Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Tuesday, June 9
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Current Issues

    प्रखर राजनेता व प्रशासक

    By August 25, 2019Updated:August 25, 2019 Current Issues No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    illustration: Sushil Doshi
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 559
    डॉ दिलीप अग्निहोत्री
    अरुण जेटली प्रखर राष्ट्रवादी थे। वैचारिक आधार पर उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में अपना मुकाम बनाया। राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर उनके विचार ध्यान आकृष्ट करने वाले होते थे। छात्र जीवन से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले अरुण जेटली कई उतारों चढ़ाव देखे। आपात काल में उन्नीस महिने जेल में रहे। नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वह वित्त, रक्षा एवं सूचना प्रसारण जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों को संभाला। सभी रूपों में अपने दायित्व का बखूबी निर्वाह किया।
     कई वर्ष तक राज्यसभा नेता प्रतिपक्ष रहे थे। तब भाजपा का सँख्याबल कम था, लेकिन अरुण जेटली के विचार सत्ता पक्ष को परेशान करते थे। उनके सटीक तर्कों का यूपीए सरकार के पास जबाब नहीं होता था। कानून, संविधान, संसदीय कार्यवाही के नियम को उनको गहरी जानकारी थी। इसी कारण पक्ष और विपक्ष दोनों में उनका सम्मान था। चार दशक से अधिक के सार्वजनिक जीवन में उन्होंने कभी भी मर्यादा और राजनीतिक शुचिता का उल्लंघन नहीं किया। इसी के बल पर राजनीति में शून्य से शिखर तक का सफर तय किया।
    वह बहुत व्यस्ताओं के बाद भी नियमित ब्लॉग लिखते थे। मीडिया के साथ साथ सामान्य लोगों में उनके ब्लॉग चर्चा का विषय बनते थे। समय-समय पर विविध मुद्दों पर उनके तर्कसंगत लेख उस मुद्दे पर लोगों को एक नयी दृष्टि प्रदान करते थे। लोकसभा चुनाव के समय अस्वस्थ होने के बावजूद वह आमचुनाव में सरकार की उपलब्धियों और विपक्ष की नाकामियों को उजागर करते रहे। अभी कुछ दिनों पहले जब अनुच्छेद तीन सौ सत्तर की समाप्ति के समय वह गंभीर रूप से बीमार थे। लेकिन तब भी उनकी राष्ट्रीय चेतना जागृत थी।
    उन्होंने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक और देशहित में बताया। संसद में सरकार को जो भारी समर्थन मिला, आमजन ने जिस प्रकार इसका स्वागत किया, उससे अरुण जेटली को बहुत सन्तोष मिला था। नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में जब अरुण जेटली वित्त मंत्री थे। तब आर्थिक सुधारों से सम्बंधित कई साहसिक निर्णय लिए गए। इन निर्णयों में अरुण जेटली की अग्रणी भूमिका थी। नोटबंदी और जीएसटी को लागू करने में जेटली बड़ा योगदान था। दलगत मतभेदों के बीच राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर सहमति बनाने में वह माहिर थे। इसके अलावा पार्टी लाइन का निर्धारण और उसे प्रभावी तरीके से उठाना भी उन्हें बखूबी आता था।
    संवेदनशील व विवादित विषयों पर उनके विचार बहुत तर्कसंगत होते थे। इससे किसी का भावना आहत भी नहीं होती थी। पार्टी और देश दोनों का हित भी संरक्षित होता था। कठिन दौर में भी वह भाजपा के लिए प्रभावी रणनीति बना लेते थे। जब बिहार में एनडीए गठबंधन में सीटों को लेकर एक राय नहीं बन पा रही थी, तब यह मोर्चा जेटली ने संभाला। इसके बाद आसानी से सहमति बन गई। जीएसटी पर राष्ट्रीय सहमति बनाना उनकी कुशलता की बानगी थी। राफ़ेल पर विपक्ष की निराधार प्रचार नीति को जेटली ने निरर्थक बना दिया था। इसी प्रकार यूपीए सरकार गुजरात की तत्कालीन नरेंद्र मोदी सरकार को अपदस्त करने के लिए जमीन आसमान एक कर रही थी, उस समय अरुण जेटली उनके सभी तीरों को विफल करते जा रहे थे। यही कारण था कि यूपीए सरकार अपने मकसद में सफल नहीं हो सकी।
    निधन के बाद अरुण जेटली की संवेदनशीलता का प्रसंग सामने आ रहा है। जिसे उन्होंने सदैव छिपा कर रखा था। वह विद्यार्थी जीवन से ही आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की सहायता करते आ रहे है। रजत शर्मा की फीस भरकर उन्हें आगे पढ़ने का मौका देने वाले अरुण जेटली ही थे। यह कार्य उन्होंने अपने जीवन के अंतिम समय तक जारी रखा।  साथ कार्य करने वाले सभी कर्मचारियों के बच्चों की फीस तथा अन्य जरूरतें वह पूरी करते थे। इतना ही नहीं उनके पास कोई गरीब पहुंचता था तो वह उसकी सहायता करते थे। इस बात की जानकारी अरुण जेटली के परिवार और सहायता प्राप्त करने वाले परिवार को ही रहती थी। अरुण जेटली का पूरा परिवार इसमें उनका सहयोग करता था।
    यह अरुण जेटली के बड़प्पन का प्रमाण है कि जिन महंगे स्कूलों में उन्होंने अपने बच्चों को पढ़ाया, उसी में अपने कर्मचारियों के बच्चों को पढ़ने भेजा। पढ़ाई का खर्चा अरुण जेटली स्वयं ने उठाया। कई बच्चों को विदेश पढ़ने भेजा। इन कर्मचारियों के बच्चे आज उच्च पदों पर है। इन सभी के लिए अरुण जेटली को भूलना असंभव होगा। भाजपा भी उनकी कुशलता, प्रखरता को कभी भुला नहीं सकती। राजनीति और समाज जीवन में उनसे प्रेरणा  लेने की आवश्यकता है।

    Keep Reading

    Health of 4 UP MPs deteriorates during Ladakh visit; Lalganj MP admitted to AIIMS; Afzal Ansari put on oxygen support.

    लद्दाख दौरे पर UP के 4 सांसदों की तबीयत बिगड़ी, लालगंज सांसद AIIMS में भर्ती; अफजाल अंसारी को लगी ऑक्सीजन

    वेतन नहीं तो जनगणना नहीं!, लखनऊ के प्राथमिक शिक्षक कल से जनगणना बहिष्कार पर

    Human rights situation in Tibet goes from bad to worse: China's dominance further increases.

    तिब्बत में मानवाधिकारों की स्थिति बद से बदतर, चीन का दबदबा और बढ़ा

    Yoga awareness campaign launched with the blowing of the conch shell.

    शंखनाद के साथ शुरू हुआ योग जागरूकता अभियान

    Journalism is the lifeblood of democracy: Keshav Prasad Maurya

    पत्रकारिता लोकतंत्र की प्राणवायु है : केशव प्रसाद मौर्य

    School of Happiness: Children Celebrated Summer Festival at Lucknow Museum

    खुशियों की पाठशाला: लखनऊ संग्रहालय में बच्चों ने मनाया ग्रीष्मकालीन उत्सव

    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Raja ka Aaina (The King's Mirror): The King's Mirror is no ordinary mirror.

    राजा का आईना : राजा का आईना कोई साधारण आईना होता नहीं

    June 9, 2026
    Health of 4 UP MPs deteriorates during Ladakh visit; Lalganj MP admitted to AIIMS; Afzal Ansari put on oxygen support.

    लद्दाख दौरे पर UP के 4 सांसदों की तबीयत बिगड़ी, लालगंज सांसद AIIMS में भर्ती; अफजाल अंसारी को लगी ऑक्सीजन

    June 8, 2026
    Iran fired 10 ballistic missiles at Israel; all destroyed. Trump’s stern message: "Make a deal now."

    ईरान ने इज़राइल पर दागी 10 बैलिस्टिक मिसाइलें, सभी नष्ट; ट्रंप का सख्त संदेश- “अब डील करो”

    June 8, 2026

    बड़े मंगल पर करें ये उपाय सभी दुखों को हर लेंगे हनुमान जी

    June 8, 2026

    वेतन नहीं तो जनगणना नहीं!, लखनऊ के प्राथमिक शिक्षक कल से जनगणना बहिष्कार पर

    June 8, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading