- उप्र पावर आफीसर्स एसोशिएसन का दावा: निजीकरण का पहला प्रयोग नोएडा पावर कंपनी व टोरेंट पावर पूरी तरह फेल फिर निजीकरण पर चर्चा क्यों
- एसोशिएसन ने अपने सदस्यो को कहा कि रहे तैयार निजीकरण का कोई भी फैसला नहीं होगा स्वीकार आरपार की लड़ेगे लड़ाई
उप्र पावर आफीसर्स एसोशिएसन के पदाधिकारियों ने आज वीडिओ कान्फ्रेंसिंग के जरिये हुई बैठक में पूरे प्रदेश में अपने एसोशिएसन सदस्यो व पदाधिकारियो से बात की और यह एलान किया कि सभी सदस्य पूरी तरह तैयार रहे, हर स्तर पर निजीकरण का पुरजोर विरोध किया जायेगा किसी भी हालत में निजीकरण स्वीकार नहीं है ।
एसोशिएसन का कहना है कि प्रदेश में निजीकरण के दोनों प्रयोग नोएडा पावर कंपनी व टोरेंट पावर फेल है इसके वावजूद भी कोरोना महामारी के बीच पूर्वांचल विद्युत् वितरण निगम के निजीकरण के प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है जिससे बिजली कर्मियों को भारी निराशा हुई है और उनमे आक्रोश व्याप्त है।
एक तरफ प्रदेश सरकार द्वारा निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाये रखने की बार बार प्रशंसा किये जाने के बाद भी अब निजीकरण के बारे में सोचना पूरी तरह गलत है प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी और ऊर्जामंत्री को इस दिशा में पुनर्विचार कर केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे निजीकरण के प्रयास को एक सिरे से खारिज कर कड़ा सन्देश देना चाहिए ।
उप्र पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा, उपाध्यक्ष श्री एसपी सिंह अतरिक्त महासचिव अनिल कुमार सचिव आर पी केन, संघटन सचिव अजय कुमार हरिश्चन्र वर्मा ने कहा की आज सभी एसोशिएसन के सदश्यो व पदाधिकारियो से चर्चा हुई सभी ने एक सिरे से निजीकरण का विरोध करने का फैसला लिया है और आर पार की लड़ाई लड़ने का एलान किया है ।







