उपभोक्ता परिषद का बड़ा खुलासा: अंतता पकड़ा गया भार जंपिंग का स्मार्ट ठग मीटर

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स्मार्ट मीटर फेल की रिपोर्ट दबाने वाले अभियंताओ पर कसा शिकंजा तो बोले रिपोर्ट का अध्यन करते वक्त रिपोर्ट हुई थी मिसप्लेस अब देखना है क्या होती है कार्यवाही ?

उपभोक्ता परिषद् ने आज से लगभग 9 माह पहले हज़ारों स्मार्ट मीटर में भार जंपिंग का बड़ा खुलासा किया था और काफी हंगामा मचने के बाद सभी बिजली कम्पनियो से स्मार्ट मीटर के सेम्पल जाँच के लिए सेन्ट्रल पावर रिचर्च इंस्ट्यूट सीपआरआई नोएडा में एक्सेप्टेन्स टेस्ट के लिए भेजे गये थे जो रिपोर्ट पावर कार्पोरेशन को अब प्राप्त हुई। बता दें कि ज्यादातर सेम्पल स्मार्ट मीटर मुख्य पैरामीटर में ही फेल हो गये है ।

इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण मीटर का टेक्निकल पैरामीटर मीटरकांस्टेंट होता है जिससे यह सिद्ध होता है कि स्मार्ट मीटर आई एस 16444 की धारा 6.12 के तहत सिंगल फेस मीटर की एक्यूरेसी मीटर कांस्टेंट के तहत कितने इम्प्लस पर 1यूनिट रीडिंग देना चाहिए का मानक प्राविधानित है जिसके साथ ही अनेको पैरामीटर पर चेकिंग के लिए भेजे गये।

उपभोक्ता परिषद ने कहा कि स्मार्ट मीटर इस मीटरकांस्टेंट टेस्ट सहित एक्यूरेसी के मानको में फेल साबित हुए जो अपने आप में बड़ा मामला है उपभोक्ता परिषद ने कहा कि वह लगातार यह मुद्दा उठाते चला आ रहा कि मीटर की क्वालटी घटिया है अब ऐसे में देखना यह है कि बिजली कम्पनिया और पावर कार्पोरेशन इस गंभीर मामले पर क्या निर्णय लेता है।

परिषद ने कहा कि अब जब मीटर फेल साबित हुए है प्रदेश सरकार को अबिलम्ब दोषी मीटर निर्माता कंपनी को ब्लैकलिस्ट कराकर जो भी पूरे प्रकरण में जो दोषी हैं उन पर कठोर कार्यवाही कराना चाहिए।

उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा इस मामले पर कहा कि आज से लगभग 9 माह पहले भार जंपिंग का खुलासा हुआ था जिसमे उपभोक्ता परिषद ने ऊर्जा मंत्री को एक प्रस्ताव देकर बताया था कैसे 4518 स्मार्ट मीटर जिनका भार तीन गुना से भी ज्यादा जम्प कर गया था जिस पर ऊर्जामंत्री जी के निर्देश पर एक 4 सदस्यीय कमेटी पावर कार्पोरेशन ने बनाया और अनत्ता कमेटी ने जाँच के बाद सभी कम्पनियो से स्मार्ट मीटर के सेम्पल उठवाकर सीपीआरआइ नोएडा जाँच के लिए भेजा और फिर कोरोना का बहाना लेकर बहुत दिनों तक जाँच लंबित रखी गयी जब उपभोक्ता परिषद को शक हुवा तो उपभोक्ता परिषद ने सीपीआरआई नोएडा के एक उच्चाधिकारी से बात की तो पता चला की सीपीआरआई नोएडा ने बिजली कम्पनियो को रिपोर्ट भेज दी है तब परिषद ने पावर कार्पोरेशन के उच्चाधिकारियो सहित प्रदेश के ऊर्जामंत्री जी को अवगत कराया फिर जाकर दबी जाँच का खुलासा हुआ और अब जाँच रिपोर्ट दबाने वाले अभियंता यह कह रहे है की रिपोर्ट का अध्ययन करते वक्त जाँच रिपोर्ट मिसप्लेस हो गयी थी। जिसको लेकर पावर कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक काफी नाराज है और रिपोर्ट गायब करने और दबाने वाले अभियंताओ की जबाबदेही तय करने के लिए पूरी रिपोर्ट तलब की है अब देखना यह है की आगे इस गंभीर मामले पर क्या निर्णय होता है ?

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