महंगी बिजली खरीद पर भी उठा सवाल: जब पावर एक्सचेंज पर थी सस्ती बिजली तो क्यों की गयी महंगी खरीद?
प्रदेश की बिजली कम्पनियो द्वारा 22 फरवरी को दाखिल वर्ष 2021-22 के लिये वार्षिक राजस्वा आवश्यकता (एआरआर) सहित ट्रू-अप वर्ष 2019-20 व एपीआर वर्ष 2020-21 को आज विद्युत नियामक आयोग ने बिजली कम्पनियो को लौटा दिया है और उसमे सैकड़ों खामियां निकली है।
इस मामले पर आयोग ने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि विद्युत नियामक आयोग द्वारा जो बिजनेस प्लान अनुमोदित किया गया उसके मुताबिक बिजली कम्पनियो ने एआरआर नहीं दाखिल किया ऐसे में बिजनेस प्लान के तहत बिजली कम्पनिया अपना एआरआर संसोधित कर दाखिल करें।
नियामक आयोग द्वारा इस आशय का आदेश सभी बिजली कम्पनियो को भेज दिया गया है और 10 दिन में संसोधित एआरआर दाखिल करने का समय दिया गया है।

गौरतलब है जिस दिन बिजली कम्पनियो ने एआरआर दाखिल किया था उस दिन उपभोक्ता परिषद ने कड़ी आपत्ति जताते हुए विद्युत नियामक आयोग चेयरमैन श्री आरपी सिंह व सदस्यों से कहा था यह एआरआर बिजनेस प्लान द्वारा अनुमोदित आकंड़ों के विपरीत है इसे खारिज किया जाना चाहिए। परिषद ने जहा स्लैब परिवर्तन को खरिज करने सहित यह मुद्दा उठया था कि आयोग ने बिजनेस प्लान में जब वर्ष 2021-22 के लिए वितरण हानिया 11.08 प्रतिशत अनुमोदित कर दी फिर एआरआर में उसे बढ़ाकर 16.64 प्रतिशत प्रस्तावित करना आयोग आदेश का खुला उलघन के साथ ही आयोग आदेश की अवमानना भी है ।
स्लैब परिवर्तन का प्रस्ताव बिना बिजली दर के किस आधार पर दाखिल किया गया: अवधेश वर्मा
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा नियामक आयोग द्वारा बिजली कंपनियों के एआरआर में सैकड़ो कमिया निकलते हुए यह भी बड़ा सवाल किया गया है कि स्लैब परिवर्तन का प्रस्ताव बिना बिजली दर के दाखिल किस आधार पर किया गया जबकि रेट शिडूल्ड के बिना ? साथ ही बिजली कम्पनियो की महगी बिजली खरीद पर बड़ा सवाल उठाते हुए कहा गया है की जब पावर एक्सचेंज पर सस्ती बिजली उपलब्ध थीे तो निजीघरानो सहित अन्य उत्पादन इकाइयो से मंहगी बिजली क्यों खरीदी गई?
परिषद जहाँ बजाज ग्रुप की उत्पादन इकाइयो से महगी बिजली खरीद प्रस्तावित है वही बजाज ग्रुप की ललित पुर केएसकेमहानंदी सहित एनटीपीसी की कुछ महगी बिजली खरीद पर भी सवाल उठाया गया है बिजली कम्पनियो ने जहा ललित पुर से रुपया 11.88 प्रति यूनिट में बिजली खरीद प्रस्तावित की गयी है वही केएसकेमहानंदी से रुपया 9.62 प्रति यूनिट में बिजली खरीद प्रस्तावित करना चैकाने वाला है और भी कई उत्पादन इकाइयो की महगी बिजली खरीद बड़ा मुद्दा है जिस पर आयोग ने पुछा है क्यों नहीं पावर एक्सचेंज से सस्ती बिजली खरीदी गयी नियामक आयोग ने बिजली कार्मिको के घरो में मीटर लगाने का अब तक का स्टेटस भी माँगा गया है।







