कठमुल्लाओं की सियासी धंधेबाजी बंद होगी

0
469
नवेद शिकोह
लखनऊ, 05 नवंबर 2018: संघ भाजपा सरकार का पालिसी मेकर है। मुसलमानों को लेकर संघ का रूख साफ हो रहा है। तरक्कीपसंद मुसलमानों को एहमियत दी जा रही है जबकि लाख गिड़गिड़ाने और चापलूसी करने पर भी कठमुल्लाओं को संघ ने साइड लाइन कर दिया है। इसलिए अब मुस्लिम समाज के धार्मिक स्थलों की निगरानी करने वाले वक्फ बोर्डों में धार्मिक ठेकेदारों को दूर रखा जायेगा।
 अरबों-खरबों की सम्पत्ति की सरपरस्ती करने वाले वक्फ बोर्ड में लूटमार होती रही। वजह ये रही कि सरकारों पर दबाव बनाकर धार्मिक नेता बोर्ड में अपनी कठपुतलियों को बैठाकर लूटमार का खेल करते रहे। ये झूठा भ्रम जाहिर करते रहे कि कौम की कमांड उनके हाथ मे हैं। किसी भी सियासी दल को हराने और जिताने में उनका अहम किरदार होता है। क्योंकि कौम की आवाम उनके इशारों पर नाचती है।
लेकिन अब इस झूठ से सभी दल वाकिफ हो गये हैं। यही कारण है कि भाजपा सरकार मुस्लिम समाज को तो नहीं लेकिन चापलूसी, दलाली और भ्रष्टाचार मे माहिर कठमुल्लाओं की किसी भी मांग को पूरा करने को तैयार नहीं है। सरकार ना इनकी चमचागिरी चल पा रही है और ना इनकी ब्लैकमेलिंग की परवाह कर रही है।
गौरतलब बात ये है कि उलमा की सियासत में घुसपैठ और सत्ता की मलाई चाटने का वक्त अब समाप्त हो गया है। क्योंकि पिछले लोकसभा यूपी के पिछले विधानसभा के नतीजों के बाद कांग्रेस और बसपा ने सियासी मौलवियों से परहेज करने का सबक ले लिया है। इसलिए आइना की किसी भी सरकार में भ्रष्ट मौलवियों की दखलंदाजी और लूट-खसोट से वक्फ बोर्ड आजाद रहेंगे। भाजपा, कांग्रेस और बसपा के तो नये फैसले होंगे लेकिन सपा के आजम खान तो पहले ही वक्फ बोर्ड को मौलवीगीरी से दूर रखते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here