उपभोक्ताओं के परिसर पर लगाये जा रहे स्मार्ट मीटर की टेक्नोलाॅजी को लेकर उपभोक्ता परिषद ने उठाया सवाल ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा से की मुलाकात और सौंपा ज्ञापन
ऊर्जा मंत्री का उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को आश्वासन मामले की गम्भीरता से होगी छानबीन उपभोक्ताओं के साथ नहीं होगा अन्याय
लखनऊ, 28 मई 2019: पूरे प्रदेश के अनेकों जनपदों में चलते हुए मीटर उतारकर स्मार्ट मीटर लगाये जा रहे हैं। अभी तक जहां 40 लाख स्मार्ट मीटर का टेण्डर पहले ही फाइनल हो चुका है, अब वहीं मध्यांचल विद्युत वितरण निगम में अतिरिक्त 40 लाख स्मार्ट मीटर जिसकी लागत लगभग 1200 से 1300 करोड़ के बीच आंकी गयी है, का टेण्डर भी प्रक्रियाधीन है।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि पूर्व में भी लाखों मीटर खरीदे गये और उपभोक्ताओं के यहां लगाये गये। अब इतनी जल्दबाजी में फिर क्यों बिजली कम्पनियां मीटर खरीदने में लगी हैं, जबकि पहले मीटर की परफार्मेन्स देखी जानी चाहिए थी। जिसकी टेक्नोलाॅजी को लेकर उ0प्र0 राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व विश्व ऊर्जा कौंसिल के स्थायी सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने आज प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा से सचिवालय स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात की और एक ज्ञापन सौंपा।
उपभोक्ता परिषद द्वारा यह मुद्दा उठाया गया कि वर्तमान में जो भी स्मार्ट मीटर उपभोक्ता के परिसर पर लग रहे हैं, उसमें जो मोबाइल कम्पनी के सिम लगे वह सभी 2जी व 3जी टेक्नोलाॅजी पर आधारित हैं और इन मीटरों की गारण्टी अवधि 5 वर्ष है। जबकि अब यह टेक्नोलाॅजी मोबाइल कम्पनियां धीरे-धीरे बन्द कर रही हैं और 4जी व 5जी टेक्नोलाॅजी की तरफ बढ़ रही हैं। फिर ऐसे में पुरानी टेक्नोलाॅजी के मीटर लगाना कहां तक उचित है। यह बहुत ही गम्भीर मामला है, क्योंकि कहीं न कहीं इसका भार उपभोक्ता के ऊपर आयेगा। इसी प्रकार औद्योगिक कनेक्शनों में लगने वाले मीटर माडम भी 3जी टेक्नोलाॅजी के खरीदे जा रहे हैं वह भी उचित नहीं है। उसे भी 4जी व 5जी टेक्नोलाॅजी का होना चाहिए और मीटर कम्पनियों का अपने निजी स्वार्थ में सपोर्ट करने वाले कुछ अभियन्ता यह लाबिंग कर रहे हैं कि जब जरूरत होगी तो इसे एडवान्स टेक्नोलाॅजी में कन्वर्ट किया जायेगा। जबकि कन्वर्ट किया जाना काफी मुश्किल काम है और यह सुचारू रूप से कार्य नहीं करेगा।
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा ने उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को यह आश्वस्त किया कि मामले की गम्भीरता को देखते हुए पूरे मामले की छानबीन होगी, किसी भी स्तर पर उपभोक्ताओं के साथ अन्याय नहीं होने पायेगा।
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि बिजली कम्पनियां जिस प्रकार से मीटर खरीदने में दिलचस्पी दिखा रही हैं। अगर उतनी ही दिलचस्पी मीटरों की गुणवत्ता व उनके परफार्मेन्स पर दिखायें तो एक भी घटिया मीटर की खरीद नहीं हो पायेगी। उपभोक्ता परिषद लम्बे से मीटर पर सवाल उठा रहा है और जब उपभोक्ता परिषद की शिकायत पर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ने कठोर कदम उठाया तो विगत दिनों अनेकों मीटर निर्माता कम्पनियां घटिया परफार्मेन्स पर ब्लैक लिस्ट की गयीं और पहले उपभोक्ता परिषद की बात न मानकर इनसे करोड़ों की खरीद हुई। आने वाले समय में यही हाल जल्दबाजी में खरीदे जा रहे स्मार्ट मीटरों का होगा।






