नई दिल्ली, 02 अप्रैल। चीन का अंतरिक्ष केंद्र ‘द तियांगोंग-1’ के धरती पर गिरने को लेकर वैज्ञानिक काफी समय से चिंतित थे। रविवार देर रात यह अंतरिक्ष केंद्र पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कर प्रशांत महासागर में गिर गया। धरती के वायुमंडल में प्रवेश करने के साथ ही इसका अधिकांश हिस्सा जल कर राख हो गया, जो हिस्सा बाकी बचा वह प्रशांत महासागर में गिर गया। इसके साथ ही वैज्ञानिकों समेत सभी लोगों ने चैन की सांस ली।
भारतीय समय के मुताबिक रविवार देर रात करीब 1.45 पर धरती के वायुमंडल में पहुंचा और धरती के वायुमंडल में पहुंचते ही इसका अधिकांश हिस्सा जल कर राख हो गया है। यह पहली बार नहीं है, जब कोई उपग्रह या अंतरिक्ष यान अनियंत्रित होकर धरती पर गिरा। इससे पहले भी ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं।
इस अंतरिक्ष केंद्र को सितंबर 2011 में बीजिंग से प्रक्षेपित किया गया था। प्रक्षेपण के पांच साल बाद मार्च 2016 से इससे आधिकारिक रूप से डेटा मिलना बंद हो गया था। चाइना नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन ने अपने एक बयान में बताया था कि उसका अंतरिक्ष केंद्र से मार्च 2016 से संपर्क टूट गया है। यह अब कभी भी धरती पर गिर सकता है।







