आलोक नाथ ने मानहानि के मामले में एक रुपये मुआवजा की मांग की
नई दिल्ली, 15 अक्टूबर 2018: मि टू के मुद्दे पर घिरे संस्कारी कलाकार आलोक नाथ ने लेखक-निर्देशक विन्ता नंदा के खिलाफ दीवानी वाद दर्ज कराते हुए उनकी कथित मानहानि के मामले में एक रुपये मुआवजा की मांग की है। नंदा ने उन पर बलात्कार के आरोप लगाए हैं। इस बीच, आलोक नाथ की पत्नी आशु ने मजिस्ट्रेट के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया और मानहानि मामले में लेखक-निर्देशक के खिलाफ सुनवाई शुरू करने की मांग की।
अभिनेता की पत्नी सोमवार को मजिस्ट्रेट आर एम नेर्लिकर के समक्ष पेश हुई और अपना बयान तथा शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने अदालत से कहा कि नंदा के आरोपों ने उनकी (नाथ और आशु की) छवि नुकसान पहुंचाया है। मजिस्ट्रेट ने मामले की सुनवाई एक नवंबर तक स्थगित कर दी है। अगली सुनवाई में अदालत नाथ और उनकी पत्नी की ओर से तीन गवाहों के बयान दर्ज करेगी. विन्ता नंदा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाल आरोप लगाया था कि अभिनेता ने 19 वर्ष पहले उनका बलात्कार किया था।
जेंडे को पूरा करने के फैलाई जा रही है झूठी बातें: ऍम जे अकबर
ऍम जे अकबर ने अपनी शिकायत में कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि आरोपी (रमानी) ने द्वेषपूर्ण तरीके से कई गंभीर आरोप लगाए हैं। जिसे वह मीडिया में बेरहमी के साथ फैला रही है। शिकायत में कहा गया है कि यह भी स्पष्ट है कि शिकायतकर्ता (अकबर) के खिलाफ झूठी बातें किसी एजेंडे को पूरा करने के लिए प्रायोजित तरीके से फैलाई जा रही हैं।
इसमें अकबर के खिलाफ रमानी के आरोपों को ‘बदनाम करने वाला’ बताया गया. इसमें कहा गया कि आरोपों की ‘भाषा और सुर’ पहली नजर में ही मानहानिपूर्ण हैं और इन्होंने न केवल उनके (अकबर) सामाजिक संबंधों में उनकी प्रतिष्ठा और साख को नुकसान पहुंचाया है बल्कि समाज, मित्रों और सहयोगियों के बीच अकबर की प्रतिष्ठा भी प्रभावित हुई है।
आरोपों ने अपूरणीय क्षति की है और अत्यंत दुखद हैं। अधिवक्ता संदीप कपूर के जरिये दायर शिकायत में रमानी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 499 (मानहानि) के तहत नोटिस जारी करने का अनुरोध किया गया। भादंसं की धारा 500 में व्यवस्था है कि आरोपी को दोषी ठहराए जाने पर दो साल के कारावास या जुर्माना या दोनों हो सकती है।
मानहानि की शिकायत से लड़ने के लिए तैयार हूं : प्रिया रमानी
अकबर के बयान को बताया निराशाजनक
नई दिल्ली, 15 अक्टूबर 2018: पत्रकार प्रिया रमानी ने सोमवार को कहा कि वह केंद्रीय मंत्री एम जे अकबर द्वारा उनके खिलाफ अदालत में दायर मानहानि की शिकायत का सामना करने के लिए तैयार हैं और उन्होंने अकबर के बयान पर निराशा जताते हुए कहा कि इसमें ‘पीड़ित जिस सदमे और भय से गुजरे हैं’ उसका कोई ख्याल नहीं रखा गया।
उन्होंने यह भी कहा कि अकबर ‘डरा धमकाकर और उत्पीड़न’ करके पीड़ितों को ‘चुप’ कराना चाहते हैं। बता दें कि अफ्रीका से लौटने के बाद विदेश राज्यमंत्री ने कई महिलाओं द्वारा उनके खिलाफ लगाए यौन उत्पीड़न के आरोपों को रविवार को खारिज करते हुए इन्हें ‘‘झूठा, मनगढ़ंत और बेहद दुखद’’ बताया था ।






