Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Tuesday, July 14
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Hot issue

    महाराष्ट्र में जो हुआ, अच्छा हुआ 

    By November 23, 2019 Hot issue No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 676
    नवेद शिकोह
    महाराष्ट्र में सरकार बनाने की रस्साकशी में दो एक से दोस्ती हार गयी और सियासी बेवफाई जीत गई। यानी दो दोस्तों की जोड़ी टूटी और एक नई जोड़ी दोस्ती का रिश्ता क़ायम हो गया।
    लेकिन जो भी हुआ अच्छा हुआ। सबके लिए अच्छा हुआ। लोकतंत्र के लिए भी अच्छा हुआ। महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में दो-दो राजनीतिक दलों के दो गठबंधन मजबूती से चुनाव लड़े थे। एक भाजपा और शिवसेना। और एक कांग्रेस और एनसीपी। जनता ने भाजपा/शिवसेना के गठबंधन को बहुमति दिया था। लेकिन शिवसेना और भाजपा के अलगाव के बाद जिस तरह पिछले दिनों कांग्रेस-एनसीपी ने शिवसेना के साथ सरकार बनाने के प्रयास किए थे यदि ये प्रयास सफल हो जाते तो सबसे अधिक सीटें पाने वाली भाजपा का विपक्ष में बैठना जनाधार का अपमान होता। लेकिन निम्न नज़रिए से देखिए तो सब के लिए सही हो गया है-
    भाजपा के लिए सरकार बनाना इसलिए जरूरी था क्योंकि महाराष्ट्र के चुनावी नतीज़ों में वो सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। भाजपा के जय-वीरू कहे जाने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह न सिर्फ जनादेश में नंबर वन बने हुए है बल्कि कम सीटों में भी सरकार बनाने के मैनेजमेंट का विजय रथ महाराष्ट्र में रुकता दिखाई दे रहा था। इसलिए भी मोदी-अमित यहां भी हारी बाज़ी जीतने में भी शाह साबित हुए। इसलिए महाराष्ट्र में भाजपा का सरकार बनाना सम्पूर्ण जनता के लिए तो नहीं लेकिन भाजपा और भाजपा समर्थक जनता के लिए बेहद अच्छा हुआ।
    कांग्रेस के लिए भी बहुत अच्छा हुआ:
    बाबरी मस्जिद तोड़ने का ढांचा तोड़ने का दावा करने वाली शिवसेना के साथ कांग्रेस दोस्ताना रिश्ता निभाना ही नहीं चाहती थी। देश में बीस फीसद आबादी वाले कांग्रेस के सबसे बड़े वोट बैंक मुस्लिम समाज को नाराज करके महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ सत्ता की भागीदारी कांग्रेस के लिए बहुत मंहगी पड़ती। ये जानकर ही कांग्रेस सिर्फ शिवसेना के साथ सरकार बनाने की बातचीत का ड्रामा करके इस कोशिश में लगी रही कि भाजपा और शिवसेना में समझौते का समय और गुंजायश नहीं बचे। अब जब भाजपा और एनसीपी सरकार बना लेगी तो अगले लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की जनता का विश्वास किसी भी गठबन्धन से उठ चुका होगा। कांग्रेस अकेले अपनी विचारधारा पर तटस्थ रहेगी। बिना गठबन्धन वाले इकलौते राष्ट्रीय दल के तौर पर कांग्रेस एंटी इनकमबैंसी का लाभ भी अकेले ले सकेगी।
    एसीपी के लिए भी अच्छा हुआ। बतौर क्षेत्रीय दल एनसीपी लम्बे अर्से से महाराष्ट्र की सत्ता से बेदखल है। देशभर में भाजपा और मोदी की जबरदस्त लहर अभी थमने का नाम नहीं ले रही है। फिलहाल अभी काफी समय तक महाराष्ट्र में अकेले दम पर सत्ता बनाना पाना एनसीपी के लिए मुश्किल था। एनसीपी चीफ शरद पवार इस समय देश के सबसे वरिष्ठ नेताओं में सबसे सक्रिय नेता हैं। उनकी काफी उम्र हो चुकी है। बहुत भंयकर और जानलेवा बीमारी से वो जूझ चुके हैं। लम्बे समय तक सत्ता से दूर रहने से किसी भी पार्टी के विधायक/काडर/संगठन/कार्यकर्ता.. टूट जाते हैं। बिखरने लगते हैं। ऐसे में शरद पवार के लिए समझौते का ये विकल्प चुनना बेहतर था। क्योंकि  अंदर का सच ये था कि कांग्रेस शिवसेना के साथ सरकार बनाना ही नहीं चाहती थी। वो सिर्फ शिवसेना को उलझा कर उसका समय नष्ट करना चाहती थी ताकि भाजपा के साथ शिवसेना का समझौता ना हो सके। ताकि आगे महाराष्ट्र में हिंदुत्व का वोटबैंक बंट जाये। शिवसेना अगले चुनावों में भाजपा के जनाधार को कतर दे।
    शिवसेना के लिए भाजपा-एनसीपी की सरकार बनना क्यों बेहतर है!
    शिवसेना की ताकत और.उसका सौंदर्य उसकी आक्रामकता है। उनका हिंदुत्व का एजेंडा जिसपर भाजपा ने महाराष्ट्र में भी कब्जा जमाने में सफलता हासिल करना शुरु कर दी है। अब शिवसेना बतौर विपक्षी दल हिन्दुत्व की रक्षा को लेकर आक्रामक हो सकेगी। क्षेत्रीयता, मराठा शान-आन और हिन्दुत्व के मुद्दों के साथ विपक्षी भूमिका में केंद्रीय और महाराष्ट्र की सरकार के खिलाफ आक्रामक होकर शिवसेना को एक नयी ऊर्जा मिलेगी।
    और यदि कांग्रेस और एनसीपी के साथ शिवसेना सरकार बना लेती तो पार्टी की विचारधारा के साथ ये पार्टी भी बेहद कमजोर हो जाती।
    महाराष्ट्र में जो हुआ वो राष्ट्रीय दलों के लिए भी बेहतर हुआ। क्षेत्रीय दलों के दबाव को बैकफुट पर लाने के लिए भाजपा और कांग्रेस ने देश के सबसे तेजतर्रार क्षेत्रीय दल को चित करके सभी क्षेत्रीय दलों को बड़ा संदेश दे दिया। गोयाकि ये बता दिया कि बाप-बाप ही होता है और बेटा-बेटा ही।

    #एंटी इनकमबैंसी #एनसीपी #कांग्रेस #भाजपा #महाराष्ट्र #शिवसेना

    Keep Reading

    MSP recommended for Rabi 2026-27; a significant step towards boosting farmers' income.

    रबी 2026-27 के लिए MSP की सिफारिश, किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में अहम कदम

    Give up the insistence on a hunger strike; instead, wage a long-term struggle to change the system.

    अनशन की जिद छोड़ें, सिस्टम बदलने के लिए लम्बा संघर्ष करें

    Raj Thackeray targets Gadkari; says the Petroleum Minister is silent while the Transport Minister is preaching.

    राज ठाकरे ने गडकरी पर साधा निशाना, बोले – पेट्रोलियम मंत्री चुप, ट्रांसपोर्ट मंत्री दे रहे प्रवचन

    नफ़रती ‘कृपा’ पर जननायक की शुचिता भारी

    Launch of a massive green initiative inspired by the ‘Ek Ped Maa Ke Naam’ (A Tree in Mother’s Name) campaign; Deputy Chief Minister Keshav Prasad Maurya plants the first sapling in Jhansi.

    ‘एक पेड़ माँ के नाम’ से प्रेरित हरित महायज्ञ का शुभारंभ, झांसी में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लगाया पहला पौधा

    'Flying squirrel' spotted in Ramnagar after 12 years.

    रामनगर में 12 साल बाद दिखी ‘उड़ने वाली गिलहरी’

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    MSP recommended for Rabi 2026-27; a significant step towards boosting farmers' income.

    रबी 2026-27 के लिए MSP की सिफारिश, किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में अहम कदम

    July 14, 2026
    Give up the insistence on a hunger strike; instead, wage a long-term struggle to change the system.

    अनशन की जिद छोड़ें, सिस्टम बदलने के लिए लम्बा संघर्ष करें

    July 14, 2026
    Raj Thackeray targets Gadkari; says the Petroleum Minister is silent while the Transport Minister is preaching.

    राज ठाकरे ने गडकरी पर साधा निशाना, बोले – पेट्रोलियम मंत्री चुप, ट्रांसपोर्ट मंत्री दे रहे प्रवचन

    July 13, 2026

    नफ़रती ‘कृपा’ पर जननायक की शुचिता भारी

    July 13, 2026
    Launch of a massive green initiative inspired by the ‘Ek Ped Maa Ke Naam’ (A Tree in Mother’s Name) campaign; Deputy Chief Minister Keshav Prasad Maurya plants the first sapling in Jhansi.

    ‘एक पेड़ माँ के नाम’ से प्रेरित हरित महायज्ञ का शुभारंभ, झांसी में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लगाया पहला पौधा

    July 13, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading