कांग्रेस ने डाले शिवसेना पर डोरे कहा: शिवसेना को तय करना है कि वह 5 साल का सीएम चाहते हैं या ढाई साल पर बीजेपी के रुख का इंतजार करेंगे
मुंबई, 28 अक्टूबर 2019: महाराष्ट्र में अपनी-अपनी सरकार बनाने जुटी शिवसेना और भाजपा को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। दोनों पार्टियां निर्दलीयों का अपने पक्ष में समर्थन जुटाने में भरसक प्रयास कर रही हैं अभी तक तो दोनों पार्टियों में यह था कि ढाई- ढाई साल तक दोनों पार्टियों की सरकार राज करेंगी। लेकिन सत्ता की बागडोर पहले कौन संभालेगा इसको लेकर संशय है। उधर शिवसेना चाहती है कि पहले उसे ही मौका मिले।
पल- पल राजनीति की बदल रही स्थिति को भांपते हुए उधर कांग्रेस ने कहा कि शिवसेना को तय करना है कि वह 5 साल का सीएम चाहते हैं या ढाई साल पर बीजेपी के रुख का इंतजार करेंगे। हालांकि एनसीपी नेता शरद पवार ने फिर कहा कि वह सरकार बनाने की नहीं सोच रहे।
बता दें कि रविवार को भाजपा ने पांच निर्दलीय विधायकों (तीन निर्दलीय एवं छोटे दलों के दो विधायकों) का समर्थन प्राप्त होने का दावा किया था। भाजपा को समर्थन देने की घोषणा करने वाले तीन निर्दलीय विधायकों में गीता जैन, राजेंद्र राउत और रवि राणा शामिल हैं।
बता दें कि मातोश्री में विधायकों की बैठक में शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे को सीएम बनाने की एकसुर में मांग उठी। उद्धव ने कहा कि अन्य विकल्प खुले हैं, लेकिन उन्हें तलाशने में रुचि नहीं है।
राजनितिक विश्लेषणकर्ताओं का मन्ना है कि बीजेपी के बिना यहां सरकार तभी मुमकिन है जब शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस साथ आएं। चुनावों में बीजेपी को 105, शिवसेना 56, कांग्रेस 44 और एनसीपी 54 सीटें मिली हैं। बहुमत के लिए 145 चाहिए। बीजेपी निर्दलीय और छोटे दलों के भी संपर्क में है, जिनकी तादाद 29 है। बीजेपी विधायकों की बैठक बुधवार को होगी। 8पेज 6• बीजेपी के साथ आते ही जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला के पिता अजय चौटाला को तिहाड़ से दो हफ्ते का फरलो (छुट्टी) मंजूर हो गया। वह शिक्षक भर्ती घोटाले में सजा भुगत रहे हैं।
समर्थन के लिए भर रहे हैं हामी:
उधर ठाणे जिले की मीरा भयंदर सीट से जीतीं गीता जैन ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद भाजपा को समर्थन देने का ऐलान किया। विधानसभा चुनाव में वह भाजपा से टिकट चाहती थीं और नहीं मिलने पर वह 21 अक्टूबर को हुए चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर लड़ी। जैन ने पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी नरेंद्र मेहता को हरा दिया था।
राउत भी भाजपा के बागी प्रत्याशी थे और उन्होंने सोलापुर जिले की बरसी सीट से शिवसेना के आधिकारिक प्रत्याशी दिलीप सोपाल को हरा दिया था। राणा ने अमरावती जिले के बडनेरा सीट पर अपने निकटवर्ती प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी प्रीति बंद (शिवसेना) को हराया। जैन और राउत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद भाजपा को समर्थन देने की घोषणा की। जबकि राणा ने चिट्ठी लिखकर यह घोषणा की।
इससे पहले, अचलपुर से विधायक बाच्चु काडु और उनके सहयोगी एवं मेलघाट से विधायक राजकुमार पटेल ने शिवसेना को समर्थन देने की पेशकश की। दोनों सीटें विदर्भ के अमरावती जिले की हैं।







