यह बेहद रोचक और भावुक पल किसी के लिए भी हो सकते है कि जब एक ही परिवार के दो सदस्य टीम इंडिया में हो और उस पर देश के लिए जबरदस्त प्रदर्शन कर रहे हो ! फिलहाल ऐसा अपने इंडिया में हो रहा है जहाँ एक तीन जोड़ियां शानदार प्रदर्शन कर रही है जिन पर देश को नाज़ है।
पांड्या बंधु (हार्दिक और क्रुणाल):
भारत और इंग्लैंड के बीच मुकाबले के दौरान दोनों ओर से भाइयों की जोड़ियां खेलती नजर आई। टीम इंडिया की ओर से पांड्या बंधु (हार्दिक और क्रुणाल) तो इंग्लैंड की ओर से करन बंधु (सैम और टॉम)। यह भी संयोग ही है कि यह चारों क्रिकेटर ऑलराउंडर ही हैं। इनमें से सिर्फ क्रुणाल ही स्पिनर हैं जबकि हार्दिक, सैम और टॉम तीनों तेज गेंदबाज हैं।
सैम और टॉम इससे पहले 2011 में श्रीलंका के खिलाफ एक-साथ वनडे में खेल चुके हैं। हार्दिक और क्रुणाल भारतीय वनडे इतिहास में एक-साथ खेलने वाले तीसरी भाइयों की जोड़ी है। हालांकि 6 फरवरी 2019 को न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 इंटरनेशनल में भी दोनों भाई साथ में दिख चुके थे, एकदिवसीय में ऐसा संयोग पहली बार आया।
इरफान और यूसुफ पठान:
हार्दिक पांड्या 2016 से टीम के स्थायी सदस्य हैं जबकि क्रुणाल को अभी अपनी जगह पक्की करनी है। पांड्या बंधु आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए अरसे से साथ में धमाल मचाते आ रहे हैं। नौ साल बाद ऐसा मौका आया जब टीम इंडिया में दो भाई एक-साथ खेले। इससे पहले मार्च 2012 में इरफान और यूसुफ पठान एक साथ खेले थे। बड़ौदा के ही बेहद साधारण परिवार में जन्में इन भाइयों की जोड़ी ने भी बचपन में गरीबी देखी, लेकिन एक-दूसरे को सपोर्ट करते हुए क्रिकेट के शिखर तक पहुंचे। यहां भी पहले छोटे भाई इरफान ने टीम इंडिया में जगह बनाई बाद में बड़े भाई यूसुफ की एंट्री हुई। दोनों 2007 में हुए पहले टी-20 विश्व कप में टीम इंडिया का हिस्सा भी थे।
मोहिंदर और सुरिंदर अमरनाथ कि यादगार जोड़ी:
पठान बंधुओं ने भारत के लिए आठ वनडे और इतने ही टी20 साथ खेले हैं। इरफान स्विंग तेज गेंदबाज के साथ-साथ बल्लेबाजी भी करना जानते थे तो यूसुफ पठान पावर हिटर थे और पार्ट टाइम स्पिन भी करते थे। इससे पहले मोहिंदर और सुरिंदर अमरनाथ ने भी राष्ट्रीय टीम के लिए तीन मैच साथ में खेले।
दोनों आजाद भारत के पहले क्रिकेट कप्तान लाला अमरनाथ की संतान हैं। उस वक्त अमरनाथ परिवार को देश में खेल जगत के सबसे प्रतिष्ठित परिवार के रूप में याद किया जाता था। सुरिंदर आक्रामक खब्बू बल्लेबाज थे, जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाया था, लेकिन पर्याप्त मौके न मिलने की वजह से वह भारतीय टीम के लिए ज्यादा खेल नहीं पाए।







