ईरान की चेतावनी के बाद खाड़ी में हड़कंप: बैंक कर्मचारी निकाले जा रहे

ईरान का कहना है कि इज़राइल/US ने तेहरान के ‘सेपा बैंक’ (Bank Sepah) पर बमबारी की थी, जिसमें कई निर्दोष बैंक कर्मचारी मारे गए। अब ईरान ने जवाब में खाड़ी देशों में अमेरिकी-इज़राइली बैंकों को ‘वैध लक्ष्य’ बता दिया है। ईरानी मीडिया और अधिकारियों ने लोगों को चेतावनी दी है कि ऐसे बैंकों से कम से कम 1 किलोमीटर दूर रहें।
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उधर समुद्री मोर्चे पर भी ईरान का हमला:
कल रात इराक के खोर अल जुबैर बंदरगाह के पास ईरान ने अमेरिकी स्वामित्व वाले मार्शल आइलैंड्स फ्लैग वाले तेल टैंकर ‘सेफसी विष्णु’ (Safesea Vishnu) पर हमला कर दिया। ईरानी ‘सुसाइड बोट’ और अंडरवाटर ड्रोन के हमले में टैंकर में भीषण आग लग गई। इस हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई, जबकि टैंकर पर सवार 27 लोगों को बचाया गया। इनमें 15 भारतीय शामिल हैं। बचे हुए क्रू को इराक के बसरा शहर में सुरक्षित पहुंचाया गया।
भारतीय दूतावास बगदाद ने पुष्टि की है कि शहीद नाविक के परिवार को सूचित कर दिया गया है और बाकी 15 भारतीयों की मदद की जा रही है। ईरान ने हमले की जिम्मेदारी ली है और कहा है कि यह अमेरिका-इज़राइल के हमलों का जवाब है।
सोशल मीडिया पर सवालों का तूफान:
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भारतीयों में गुस्सा है। कई यूजर्स पूछ रहे हैं कि “सरेंडर महाराज कब तक मौन रहेंगे?” भारतीय नाविकों की जान जा रही है, लेकिन क्या भारत की तरफ से कोई सख्त बयान आएगा? क्या विदेश मंत्रालय अब सक्रिय होगा?
विशेषज्ञों का कहना है कि यह पूरा घटनाक्रम अमेरिका-इज़राइल-ईरान युद्ध का नया चरण है, जिसमें अब तेल रूट और वैश्विक बैंकिंग भी प्रभावित हो रही है। बता दें कि अगर तनाव बढ़ा तो खाड़ी में तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है और भारत जैसे देशों पर भी असर पड़ेगा।
ताजा अपडेट के मुताबिक फिलहाल अभी तक कोई और हमला रिपोर्ट नहीं हुआ, लेकिन दुबई और कतर में सतर्कता चरम पर है। पूरी दुनिया की नजरें अब इस पर टिकी हैं कि अगला कदम क्या होगा।







