जब अरब देशों को भारी पड़ा युद्ध इजराइल से

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2008

इसमें कोई शक नहीं कि इजराइल दुनिया का सबसे बहादुर मुल्क है। जीभ की तरह चारों ओर से दांतों से घिरा हुआ लेकिन जब भी दांतो ने अपनी जात दिखाई उन्हें खट्टा कर दिया। किसी संगठन नहीं बल्कि मुल्कों का आतंकवाद झेला है इजराइल ने अलबत्ता फिर जमकर इन्हें रेला भी है। जब हम आजाद हुए थे लगभग उसी समय इजराइल का अस्तित्व सामने आया था। लगभग 70 साल तक किसी इंडियन पीएम ने इजराइल जाने का हौसला नहीं दिखाया। डरते थे कि कहीं मुसलमान नाराज न हो जाये। यह अलग बात है कि इजिप्ट सहित दीगर मुस्लिम मुमालिक ने इजराइल से डिप्लोमेटिक रिलेशन स्थापित करते हुए उसे मान्यता दे दी। अब कहीं जाकर नरेंद्र मोदी ने पहल की और एक और ‘ सबसे पहले ‘ का रिकॉर्ड अपने नाम किया। एकमात्र यहूदी देश कहे जाने वाले इजरायल ने भारत की तरह कई युद्ध झेले हैं। एक समय ऐसा भी आया जब मिस्र की अगुवाई में अरब के 13 मुस्लिम देशों ने एकसाथ मिलकर उसपर हमला कर दिया। इस युद्ध में पाकिस्तान भी शामिल और उसने मिस्र की तरफ से अपने सैनिक भेजे। 1967 में मजहबी आधार हुए इस युद्ध की अगुवई मिस्र ने की। मिस्र के साथ 13 मुस्लिम देशों ने इजराइल को घेरकर हमला कर दिया।

इन 13 देशों ने किया इजरायल पर युद्ध

  • इस युद्ध में मिस्र के साथ-साथ सीरिया, जॉर्डन, लेबनान, इराक, अल्जीरिया, कुवैत, लीबिया, मोरोक्को, सऊदी, फिलिस्तीनी जिहादी, सूडान और ट्यूनेशिया शामिल थे।

इजराइल के पास थी कम सेना

  • इजरायल के पास उस समय 50 हज़ार सैनिक, 800 टैंक और 300 विमान थे।
  • वहीं मुस्लिम देशों के कुल मिलाकर 5 लाख 47 हज़ार सैनिक, 2504 टैंक और 957 विमान थे।
  • यह युद्ध 6 दिनों तक चला। 5 जून 1967 से 10 जून 1967

युद्ध का नतीजा

  •  मात्र 6 दिनों में इजरायल ने सभी मुस्लिम देशों को हरा दिया।

इजरायल को हुआ ये नुकसान

  • युद्ध में इजरायल के 983 सैनिक शहीद हुए, 400 टैंक ख़त्म हुए, 46 विमान ख़त्म हुए, 4517 इजरायली सैनिक घायल हुए और साथ ही 20 इजरायली नागरिकों की भी जान गई।

अरब देशों को भारी पड़ा युद्ध

  • इस युद्ध में 15000 मिस्र के सैनिक मारे गए, 6000 जॉर्डन के मारे गए, 2500 सीरिया के मारे गए, 10 इराक के मारे गए और बाकि सभी के मिलाकर 1300 सैनिक मारे गए।
  • मुस्लिम देशों के 452 विमान ख़त्म हुए।
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