इजरायल की ऐतिहासिक यात्रा से ऐतिहासिक फायदे होंगे

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इजरायल भले ही खेती कम करता हो पर टेक्नोलॉजी के रूप में इसकी एडवांस फ्री मार्केट इकोनोमी है। इजरायल हीरे, उच्च प्रौद्योगिकी उपकरणों और फार्मास्यूटिकल्स का प्रमुख रुप से एक्सपोर्ट करता है। उम्मीद है पीएम मोदी बिजनेस के कुछ सीक्रेट्स इजरायल से पता करके ही वापस लौटेंगे।

व्यवसायिक दृष्टि से इजरायल दुनिया में तीसरे स्थान पर है। इजरायल में करीब 3500 से भी ज्यादा टेक्नोलॉजी कंपनी है, जो पूरी दुनिया में सिलिकॉन वैली के बाद दूसरे नंबर पर आती है।

ये 5 ऐसी चीजें है, जिन्हें इजरायल बड़ी मात्रा में बेचता है.

  • फार्मास्यूटिकल्स- oec के अनुसार इजरायल सबसे ज्यादा पैकेज किए गई दवाएं, जिनमें एंटिबायोटिक्स, इंसुलिन, हार्मोन शामिल हैं। इसका 11 प्रतिशत इजरायल सेल करता है। इसकी नेट वर्थ 5.94 बिलियन डॉलर है।
  • रिफाइंड पेट्रोलियम- दूसरे नंबर पर इजरायल रिफाइंड पेट्रोलियम सेल करता है। आंकड़ों के हिसाब से 7.6 प्रतिशत तक इसका एक्सपोर्ट करता है और इसकी नेट वर्थ 4.13 बिलियन डॉलर है।
  • डायमंड- पेट्रोलियम के विपरीत, हीरा उद्योग में इजरायल का शुद्ध मूल्य विश्व स्तर पर प्रासंगिक है। यह विश्व में पांचवां स्थान है। इसकी नेट वर्थ 4.07 अरब डॉलर और वैश्विक शेयर का 7.5 प्रतिशत है।
  • इंट्रीगेटड सर्किट- इसे इलेक्ट्रोनिक चिप भी बोला जाता है। इजरायल इसका भी ग्लोबल मार्केट में एक्सपोर्ट करते है. ये इजरायल का चौथा बड़ा एक्पोर्ट बिजनेस है, जिसका ग्लोबल मार्केट में 2/5 हिस्सा है। OEC के अनुसार इजरायल का इंट्रीगेटड सर्किट के बिजनेस में नेट वर्थ 1.91 बिलियन डॉलर है।
  • एयरक्राफ्ट पार्ट- इजरायल, ग्लोबल मार्केट में 2.1 प्रतिशत एयरक्राफ्ट पार्ट की सेल करता है। इसकी नेट वर्थ 1.71 डॉलर है। ये कैटेगरी इजराइल की इकोनॉमी में एक बड़े फैक्टर की भूमिका निभाता है।

इसमें कोई शक नहीं कि इजराइल दुनिया का सबसे बहादुर मुल्क है। जीभ की तरह चारों ओर से दांतों से घिरा हुआ लेकिन जब भी दांतो ने अपनी जात दिखाई उन्हें खट्टा कर दिया। किसी संगठन नहीं बल्कि मुल्कों का आतंकवाद झेला है इजराइल ने अलबत्ता फिर जमकर इन्हें रेला भी है। जब हम आजाद हुए थे लगभग उसी समय इजराइल का अस्तित्व सामने आया था। लगभग 70 साल तक किसी इंडियन पीएम ने इजराइल जाने का हौसला नहीं दिखाया। डरते थे कि कहीं मुसलमान नाराज न हो जाये। यह अलग बात है कि इजिप्ट सहित दीगर मुस्लिम मुमालिक ने इजराइल से डिप्लोमेटिक रिलेशन स्थापित करते हुए उसे मान्यता दे दी। अब कहीं जाकर नरेंद्र मोदी ने पहल की और एक और ‘ सबसे पहले ‘ का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उम्मीद है कि इस ऐतिहासिक यात्रा से ऐतिहासिक फायदे होंगे और भारत की इस कामयाबी से जलने वाले भीतर की तरह बाहर से भी जलकर कोयले की शक्ल में अपना कालापन दिखाएंगे। जय हिंद।

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