आईवैपइन (ivape.in) धुम्रपान की लत छुड़ाने में 10 लाख लोगों की सहायता कर चुका है

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वैपिंग एक शब्द है जिसकी उत्पत्ति एक इलेक्ट्राॅनिक बैटरी संचालित डिवाइस, जो खतरनाक सिगरेट धुम्रपान करने से बचने का एक स्वस्थ विकल्प है से हुई है, इसका उपयोग वैपर की इनहेलिंग और एक्सहेलिंग का वर्णन करने हेतु किया जाता है।

अगस्त 29 2017: मुंबई आधारित स्टार्ट-अप आईवैपडाॅटइन (ivape.in) भारत में एक प्रमुख वैपिंग ब्राण्ड है। इसे 2014 में लोगों की धुम्रपान की लत छुड़ाने में मदद करने के विचार के साथ यह सुनिश्चित करने हेतु इनकार्पोरेटेड किया गया था कि वैपिंग उत्पाद भारतीय आबादी के लिये सस्ते और सुलभ हों। वैपिंग एक शब्द है जिसकी उत्पत्ति एक इलेक्ट्राॅनिक बैटरी संचालित डिवाइस, जो खतरनाक सिगरेट धुम्रपान करने से बचने का एक स्वस्थ विकल्प है से हुई है, इसका उपयोग वैपर की इनहेलिंग और एक्सहेलिंग का वर्णन करने हेतु किया जाता है।

भारत में वर्तमान में लगभग 108 मिलियन लोग धुम्रपान करते हैं, तम्बाकू विकलांगता के लिये दूसरा सबसे बड़ा कारण है, विश्व स्वास्थ्य संगठन का भी यह कहना है कि तम्बाकु एक धीमा ज़हर है। धुम्रपान करने वाले कईं लोग इससे छुटकारा पाने के लिये किसी अन्य स्वस्थ विकल्प की तलाश में हैं और आईवैपडाॅटइन ;(ivape.in) दस लाख लोगों को इसके विकल्प के रूप में वैपिंग से जुड़ने में उनकी सहायता कर चुका है।

इस अवसर पर बोलते हुए आईवैपडाॅटइन,(ivape.in) के संस्थापक निलेश जैन ने कहा, ‘‘एक क्लीनर विकल्प के रूप में वैपिंग के बारे में यहां बहुत ही कम जागरूकता है। आईवैपडाॅटइन, (ivape.in) पर धुम्रपान करने वालों को तम्बाकू की लत छुड़ाने में मदद करने का यह हमारा प्रयास है। हम अपने ई-लिक्विडस् में केवल एफडीए अनुमोदित फ्लेवर का इस्तेमाल करते हैं, जो हमारे आईएसओ 9001 प्रमाणित विनिर्माण इकाई में सावधानीपूर्वक तैयार किया जाता है।’’
अपनी स्थापना के बाद से आईवैपडाॅटइन,(ivape.in) ने अपनी मासिक बिक्री के राजस्व में 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि देखी है। भारत के वैपिंग उद्योग में अग्रणी होने के नाते आईवैपडाॅटइन ;(ivape.in) का उद्देश्य वैपिंग के बारे में व्यापक जागरूकता पैदा कर भारत में तम्बाकू का सेवन करने वाले लाखों लोगों की मदद करना है।

धुम्रपान के विरूद्ध वैपिंग:

भारत में सरकार वैपिंग को वैध करने के बारे में असमंजस की स्थिति में है। हालांकि पश्चिम के देशों के अध्ययन से यह पता चलता है कि वैपिंग तम्बाकु आधारित धुम्रपान सिगरेट की तुलना में 95 प्रतिशत कम हानिकारक है। हाल ही में अमेरिका में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने तम्बाकू से मृत्यु और संबंधित बीमारियों को कम करने के लिए एक रोडमैप की घोषणा की है। अमेरिका में हर साल 480,000 से अधिक मौतें तम्बाकू के कारण होती हैं। अमेरिका में एफडीए चाहता है कि लोगों को वैपिंग जैसे वैकल्पिक स्वास्थ्यवर्धक विकल्प पर ले जाया जाए। सिगरेट जो धुंआ पैदा करती है स्वास्थ्य के लिये सबसे बड़ा खतरा है, इसमें साइनाइड, कार्बन मोनोआॅक्साइड और मेथनाॅल जैसे हानिकारक रसायन भी शामिल हैं। ये मुख्य रूप से हृदय और धमनियों को प्रभावित करते हैं। वैपिंग में इन हानिकारक रसायनों में से कोई भी शामिल नहीं हैं, विशेषज्ञों का भी मानना है कि वैपिंग निकोटिन की शारीरिक आवश्यकता को कम करता है। वैपिंग दुर्गंध और जली हुई तम्बाकू जैसा स्वाद भी नहीं छोड़ता है।