महर्षि अरविन्द कृत भवानी भारती काव्य श्लोक गायन प्रतियोगिता सम्पन्न

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लखनऊ 6 नवंबर। सेठ एम आर जयपुरिया स्कूल गोमतीनगर लखनऊ के तत्वावधान में सोमवार को अन्र्तविद्यालयी महर्षि अरविन्द कृत भवानी भारती काव्य के श्लोक गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा। यह प्रतियोगिता संस्कृत भाषा में आयोजित की जाती है। इसमें 11 विद्यालयों के प्रतिभागियों ने भाग लिया।

इस अवसर पर अरविन्द आश्रम पाण्डिचेरी से आये डा. सम्पदानन्द मिश्र ने अपने विचार व्यक्त करते हुए महर्षि अरविन्द के विचार को सभी के सामने व्यक्त किया कि भारत भूमि मात्र एक भूमि खण्ड ही नहीं हैं अपितु एक शक्ति है। जिस प्रकार गीता में कृष्ण अर्जुन को कर्म के लिए प्रेरित करते हैं वैसे ही महर्षि अरविन्दजी भवानी भारती के माध्यम से भारतीयों को प्रेरित करते हैं। इस समय भारत माँ को कृष्ण की बासुरी नहीं, अपितु शिव के ताण्डव की आवश्यकता है।

विद्यालय की उपाध्यक्षा अंजलि जयपुरिया ने जापान की उन्नति का कारण बताते हुए कहा कि जापानी बच्चों को बचपन में ही अपनी भाषा और रहन-सहन से अवगत करा दिया जाता है अतः उनमें ये भाव बाल्यकाल से ही आ जाते हैं। उसी प्रकार भारत में भी संस्कृत भाषा के माध्यम से उनमें यह भाव उत्पन्न करना चाहिए। मुख्य अतिथि डा. सुरेन्द्र पाठक ने सम्बोधित करते हुए कहा कि छात्रांे में अन्तर्निहित शक्तियों के समग्र विकास पर जोर दिया हैं जिसमें संस्कृत भाषा सहायक है। यह भाषा आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का कार्य करती है। इस अवसर पर संस्कृता मिश्रा, विकास अधिकारी लखनऊ ने कहा कि संस्कृत भाषा का ज्ञान बाल्यकाल से ही देना चाहिए।

इस प्रतियोगिता में कक्षा 6 में युवाक्षी रस्तोगी ने प्रथम, सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल गोमती नगर लखनऊ, याषिका गुप्ता ने द्वितीय, पूरनचंद विद्या निकेतन कानपुर, अर्णव सिंह ने तृतीय, सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल बनारस, कक्षा 7 में अनन्या निगम ने प्रथम, पूरनचंद विद्या निकेतन कानपुर, प्रांषु जैन ने द्वितीय सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल बनारस, हर्षनाथ झा ने तृतीय सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल गोमती नगर एवं कक्षा 8 में लावण्या बाजपेयी ने प्रथम, सर पदमपत सिंहानिया कानपुर, सुविज्ञ तिवारी ने द्वितीय, बालविद्या मंदिर स्कूल चारबाग, अलिजा कादिर ने द्वितीय सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल गोमती नगर, गर्व अग्रवाल ने तृतीय स्थान पूरनचंद विद्या निकेतन कानपुर प्राप्त किया। सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल के संस्कृत विभाग के अध्यक्ष डा. सुधीर तिवारी ने विद्यालय में संस्कृत अध्यापन के उददेश्यों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अन्त में विजयी प्रतिभागियों बच्चों को मुख्य अतिथियों ने पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

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