लखनऊ, 23 मई। इंदिरा नगर स्थित गाजीपुर और उससे सटी आवास विकास कालोनी में फैली भीषण गंदगी ने सामूहिक रोजा अफ्तार के आयोजन पर रोक लगा रही है। दूसरी तरफ नगर निगम में इसकी शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले में ‘इंसानी बिरादरी’ ने प्रशासन के इस रवैये को रोजेदारों और सामूहिकता की भावना का अपमान करार दिया है।
इंसानी बिरादरी के खिदमतगार वीरेन्द्र कुमार गुप्ता ने जानकारी दी है कि 21 मई को 75 स्थानीय नागरिकों ने इस बावत नगर निगम के इंदिरा नगर स्थित जोनल आफिस में उप नगर आयुक्त को संबधित मांगपत्र सौंपा था। इस दौरान नग्मा बानो, मेहताब बानो, परवीन खातून, रेखा गुप्ता, हफीज अहमद, शंभू आदि मौजूद थे। मांगपत्र की प्रतिलिपि नगर आयुक्त और जल संस्थान को भी प्रेषित की गयी है। लेकिन अभी तक किसी तरह की कोई भी कार्रवाई नहीं हुयी। इलाके में पसरी गंदगी के बीच कल मजार के पास सालाना उर्स और मेला भी शुरू हो गया।
उन्होंने बताया कि पिछले साल मोहर्रम के अगले दिन 2 अक्टूबर को सीवर लाइन बिछाने के लिए गलियां खोदी गयी थीं लेकिन उसे जस का तस छोड़ दिया गया। रमजान का महीना भी आ गया। इस मौके पर लोग मिलजुल कर सामूहिक रोजा अफ्तार का आयोजन करते हैं। मुश्किल यह है कि रोजा अफ्तार की जगह मकान नंबर सी- 1377/3 से शुरू होनेवाली गली ऊबड़-खाबड़ बनी हुई है। दोनों मेनहोल भी अधखुले पड़े हैं। उसके ढक्कन जर्जर हो चुके हैं। सीवर का पानी अक्सर उफनता रहता है- बीमारी और बदबू का सोता हो गया है। सी ब्लाक मस्जिद के पीछे स्थित मजार के पास मलबे का ढेर है जिसके पास रोजा अफ्तार समेत तमाम सामाजिक कार्यक्रमों के लिए खाने-पीने का सामान पकाया जाता है।
इंसानी बिरादरी की ओर से भेजे गए मांगपत्र में अनुरोध किया गया है कि रोजा अफ्तार की गली को दुरूस्त किया जाये, दोनों मेनहोल के ढक्कन बदले जायें और मजार के पास पड़ा मलबा हटाया जाये। ताकि पवित्र रमजान के दौरान स्वच्छता के साथ रोजा अफ्तार का आयोजन किया जा सके।






