Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Wednesday, July 15
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»Featured

    चींटियों के अनसुलझे रहस्य: तो क्या खून चूसने वाली भी होती हैं चींटियां?

    ShagunBy ShagunJuly 28, 2020Updated:July 28, 2020 Featured No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 689

    जानिए चींटियों के रहस्यमयी दुनिया के बारे में

    यह वाकई बड़ा रोचक है कि चींटी दुनिया की सबसे छोटी प्रजातियों में से एक है। ऊंचाई से गिरकर फिर चढ़ना चीटियों की आदत है। इंसान और चींटी ही ऐसी प्रजाति हैं जो भोजन इकट्ठा करके रखते हैं। चींटियों के कान नहीं होते, वो जमीन के कंपन से महसूस करती है। चींटियां हमेशा एक लाइन में चलती हैं ऐसा इसलिए क्योंकि सब चीटियां एक तरल पदार्थ छोड़ती जाती हैं जिससे पीछे वाली चींटी उसके पीछे चलती रहती है।

    चींटी को संसार का सबसे छोटा प्राणी माना जाता है लेकिन इनकी अपनी कुछ विशेषताएं भी हैं। इनका अपना संचार अपने आप में कम विचित्र नहीं है। शायद आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि संसार के देशों में 15 हजार से भी अधिक किस्मों की अनोखी चींटियां पाई जाती हैं।

    रूस के साइबेरिया में आधा इंच लंबी उड़ने वाली नीले रंग की चींटियां पाई जाती हैं, जो कि अक्सर मीठे-मीठे फलों का रस चूसती रहती हैं।

    अमेरिका के उत्तरी रेगिस्तान में काले रंग की ऐसी जहरीली चींटियां पाई जाती हैं जिनसे विष का निर्माण भी किया जाता है।

    दक्षिण अफ्रीका के जंगलों में फ्रेरिक्सी जाति की लाखों चींटियां अपने समूह में रहती हैं। दरअसल, ये नशाखोर होती हैं। ये नशे के पीछे अपना सब कुछ बर्बाद कर लेती हैं। हां, इन चींटियों को ‘पियक्कड़ नाम से भी जाना जाता है।

    इन पियक्कड़ चींटियों का नशा भी अजीब होता है। अफ्रीका की वादियों में गेबरिला नामक एकोडन नस्ल का कीड़ा पाया जाता है। यह लाल वर्ण का होता है तथा इसका शरीर बिलकुल चिकना होता है। चींटियां जब इसके बदन को काटती हैं, तो इसके बदन से एक तरह का सुगंधित द्रव झरना शुरू हो जाता है। इस सुगंधित द्रव में एक तरह का नशा होता है जिसे ग्रहण कर चींटियां अपनी मस्ती में मस्त रहती हैं।

    हां, ये चींटियां इस कीड़े को अपने बिल में खास मेहमान बनाकर रखती हैं। उसके खाने खुराक की विशेष देखभाल करती हैं। यहां तक कि उसके बच्चों की भी देखरेख करती हैं। इस आदर-सत्कार के बदले ये कीड़ा चींटियों को जब भी आवश्यकता होती है, उनका प्रिय ‘ड्रिंक’ प्रदान करता है।

    यह मीठा नशीला द्रव इन चींटियों को पतन की ओर इस हद तक धकेलता है कि ये अपना रोजमर्रा के कार्य और स्वयं के अंडों, बच्चों की देखभाल का काम भी नजरअंदाज कर जाती हैं। अपना सारा समय वे कीड़े की सेवा व उसके आसपास ही डोलते रहने में व्यतीत कर देती हैं।

    खून चूसने वाली चींटियां:

    इसी तरह की सफेद चींटियां ऑस्ट्रेलिया के पर्वतों पर भी मिलती हैं, लेकिन ये जहरीले जीव-जंतुओं का खून चूसकर नशा किया करती हैं। मेडागास्कर में 3 इंच लंबी चींटियां घने जंगलों में वृक्षों की खोखल में पाई जाती हैं। ये किसी भी सोते हुए पक्षी पर एक साथ हमला करती हैं, फिर उसके जिस्म का पूरा खून चूसकर ही दम भरती हैं। खून चसने के उपरांत इन चींटियों को एक तरह का नशा चढ़ता है और ये अपने स्थान पर आकर 2-3 दिन तक बेहोश पड़ी रहती हैं। नशा उतरने पर ये पुनः नए शिकार की तलाश में चल पड़ती हैं।

    वृक्षों तक को खा जाने वाली चींटियां:

    कोमारा द्वीप की चींटियां तो बड़ी खतरनाक होती हैं। ये जब अपने विशाल समूह में होती हैं, तो खड़े वृक्षों तक को चट कर जाती हैं। प्रकृति के लिए यह चींटी कैंसर का काम करती है। यहां के आदिवासी इन चीटियों के हमले से बचने के लिए बंदर पालकर रखते हैं, क्योंकि ये बंदर इन चींटियों को बड़े चाव से खाना पसंद करते हैं।

    अलास्का की खाड़ी के कोडिएक, एफोग्नक व शूयक द्वीपों में हरे रंग की चींटियां पाई जाती हैं। ये वृक्षों के पत्तों को चूसकर नशा करती हैं तथा अपने शरीर का रंग गिरगिट की भांति बदल लेती हैं।

    जैव-विविधता के जानकारों का मानना है कि हमारे पारिस्थितिकी तंत्र में चींटियां बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वे मिट्टी के पोषक तत्वों का पुनर्चक्रण करती हैं और बीजों के प्रसार में मदद करती हैं। इस कारण से वे कीटों के सबसे बेहतरीन अध्ययन समूहों में से एक हैं। बता दें कि विशालकाय हाथी भी चींटियों से डरते हैं।

    Shagun

    Keep Reading

    Sonam Wangchuk on hunger strike for the 18th day; Shankaracharya says the PMO must intervene immediately.

    18वें दिन भी अनशन पर सोनम वांगचुक, शंकराचार्य बोले- PMO तुरंत हस्तक्षेप करे

    'Flying squirrel' spotted in Ramnagar after 12 years.

    रामनगर में 12 साल बाद दिखी ‘उड़ने वाली गिलहरी’

    Teacher's life in danger after drinking Bisleri water: Mouth and food pipe burned, fight at Meerut Medical College

    बिसलेरी पानी पीने से अध्यापिका की जिंदगी संकट में: मुँह और फूड पाइप जल गया, मेरठ मेडिकल कॉलेज में जंग

    Kept her husband's promise; in-laws gave their daughter-in-law a new life by embracing her as a daughter.

    पति के वादे को निभाया, सास-ससुर ने बहू को बेटी बनाकर दी नई जिंदगी

    सूर्य से सबसे दूर…,फिर भी ज्ञान के सबसे करीब…!

    Chilling rabies case in Canada: Bat lands on face of sleeping 11-year-old boy; death follows weeks later

    कनाडा में रेबीज का डरावना मामला: सोते हुए 11 साल के बच्चे के चेहरे पर बैठा चमगादड़, कुछ हफ्तों बाद मौत

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Soniya Bansal Calls Shreya Kalra the Real Game Changer of Lock Upp 2

    सोनिया बंसल ने श्रेया कालरा को बताया ‘रियल गेम चेंजर’

    July 15, 2026
    Trump Claims Positive Talks with Iran, but Tensions Persist in Hormuz

    ईरान पर लगातार तीसरे दिन अमेरिकी हमले, होर्मुज में नाकेबंदी; खाड़ी क्षेत्र में युद्ध की आशंका बढ़ी

    July 15, 2026
    A golden chapter for Indian women's cricket at Lord's: England crushed by 270 runs; history made.

    लॉर्ड्स पर भारतीय महिला क्रिकेट का स्वर्णिम अध्याय: इंग्लैंड को 270 रनों से धूल चटाई, इतिहास रचा

    July 15, 2026
    Sonam Wangchuk on hunger strike for the 18th day; Shankaracharya says the PMO must intervene immediately.

    18वें दिन भी अनशन पर सोनम वांगचुक, शंकराचार्य बोले- PMO तुरंत हस्तक्षेप करे

    July 15, 2026
    The spreading web of prostitution: Moral decay and social silence.

    वेश्यावृत्ति का फैलता जाल: नैतिक पतन और सामाजिक चुप्पी

    July 15, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading