Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Tuesday, June 2
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ज़रा हटके

    कौवे से पंगा न लीजियेगा क्योंकि कौवे कभी चेहरा भूलते नहीं!

    ShagunBy ShagunApril 14, 2026 ज़रा हटके No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    कौवे से पंगा न लीजियेगा क्योंकि कौवे कभी चेहरा भूलते नहीं!
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 429

    वाशिंगटन विश्वविद्यालय के शोध से पता चला है कि साधारण कौवे इंसानों के चेहरे सालों-साल याद रखते हैं, आपके आस-पास उड़ते-फिरते वे काले कौवे, जिन्हें हम अक्सर सिर्फ “काँव-काँव” करने वाले पक्षी समझते हैं, दरअसल प्रकृति के सबसे चतुर जीवों में से एक हैं। विज्ञान अब साबित कर चुका है कि इनका मस्तिष्क इतना विकसित है कि वे इंसानों के चेहरे को बारीकी से पहचानते और लंबे समय तक याद रखते हैं।

    वाशिंगटन विश्वविद्यालय के प्रसिद्ध पक्षी वैज्ञानिक प्रोफेसर जॉन मार्जलफ (John Marzluff) और उनकी टीम ने 2006 से शुरू किए गए लंबे अध्ययनों में यह हैरान करने वाला सच सामने लाया। शोधकर्ताओं ने अलग-अलग मास्क (मुखौटे) पहने  एक “खतरनाक” मास्क जब वे कौवों को पकड़ते थे, और दूसरा “दोस्ताना” मास्क जब वे उन्हें भोजन देते थे।

    नतीजा?
    जिन कौवों को “खतरनाक” मास्क पहनकर पकड़ा गया, वे उस चेहरे को सालों तक याद रखते हैं। वे न सिर्फ खुद उस व्यक्ति पर आक्रामक प्रतिक्रिया देते हैं (चीखना, घेरना और हमला करने जैसा व्यवहार), बल्कि अपनी विशेष ध्वनियों के जरिए इस खतरे की खबर पूरे झुंड तक पहुंचा देते हैं।

    सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि वे कौवे जो खुद उस घटना को कभी देखा भी नहीं, वे भी बाद में उसी चेहरे को देखकर आक्रामक हो जाते हैं। यह जानकारी माता-पिता से बच्चों तक भी पहुंचती है। कुछ अध्ययनों में यह याददाश्त 17 साल तक बनी रही, यानी लगभग कौवों की पूरी जिंदगी भर!

    मस्तिष्क का चमत्कार

    प्रोफेसर मार्जलफ की टीम ने PET स्कैन (ब्रेन इमेजिंग) के जरिए देखा कि जब कौवे खतरनाक चेहरे को देखते हैं, तो उनके मस्तिष्क का वह हिस्सा सक्रिय हो जाता है जो इंसानों में एमिग्डाला (amygdala) कहलाता है। यह वही हिस्सा है जो भय, खतरा और भावनाओं से जुड़ा होता है।यानी कौवे न सिर्फ चेहरा याद रखते हैं, बल्कि उससे जुड़ी भावना (डर या दोस्ती) को भी गहराई से महसूस करते हैं। जब वे भोजन देने वाले “दोस्ताना” चेहरे को देखते हैं, तो उनका मस्तिष्क अलग तरह से प्रतिक्रिया देता है।

    क्यों जरूरी है यह क्षमता?

    यह असाधारण स्मरण शक्ति और सामाजिक व्यवहार कौवों को जंगल और शहर दोनों जगहों पर खतरों से बचने में मदद करता है। अगर कोई इंसान उन्हें नुकसान पहुंचाता है, तो पूरा झुंड सतर्क हो जाता है। उल्टा, अगर आप उन्हें नियमित रूप से भोजन देते हैं, तो वे आपको “दोस्त” मानकर याद रख सकते हैं और शायद आपके प्रति सकारात्मक व्यवहार भी दिखा सकते हैं।Do not mess with crows—for crows never forget a face!

    क्या करें अगर कौवे आपके आस-पास हों?

    Do not mess with crows—for crows never forget a face!
    कौवे से पंगा न लीजियेगा क्योंकि कौवे कभी चेहरा भूलते नहीं!

    अगर आप कौवों को भोजन देना चाहते हैं, तो एक ही जगह और एक ही समय पर दें। वे आपको पहचान लेंगे।
    उन्हें कभी नुकसान न पहुंचाएं क्योंकि वे न सिर्फ आपको, बल्कि आपके पूरे परिवार या समूह को भी “खतरे” की लिस्ट में डाल सकते हैं।
    यह शोध हमें सिखाता है कि प्रकृति में हर जीव कितना बुद्धिमान हो सकता है। कौवे हमें याद दिलाते हैं कि इंसानों के अलावा भी दुनिया में कई ऐसी प्रजातियां हैं जिनकी समझ और स्मृति हमें चौंका सकती है।

    https://x.com/i/status/2018204650349137943

    https://x.com/i/status/2040326025293258987

    यह अध्ययन Animal Behaviour, Proceedings of the Royal Society B और अन्य प्रतिष्ठित जर्नल्स में प्रकाशित हो चुका है। प्रोफेसर मार्जलफ की टीम आज भी इस पर काम कर रही है और पाया है कि यह व्यवहार पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ता है।

    अगली बार जब कोई कौवा आपको घूरते हुए “काँव-काँव” करे, तो सोचिए शायद वह आपको पहले से जानता हो!

    Shagun

    Keep Reading

    The Cruelty of Bureaucracy: A Citizen Driven to the Brink of Self-Immolation Over ₹52,900

    अफसरतंत्र की क्रूरता: ₹52,900 के लिए आत्मदाह की कगार पर एक नागरिक

    Meerut's Raj-Rajeshwari

    राजराजेश्वरी मन्दिर की शंकराचार्य ने की थी प्राण-प्रतिष्ठा

    The First Virtual Party: CJP, Politics, and Conspiracy

    पहली आभासी पार्टी सीजेपी, सियासत और साजिश

    Serving one's elders is nothing short of a blessing.

    अपने बुजुर्गों की सेवा किसी वरदान से कम नहीं

    Bashir Badr: King of Lions, Farewell That desolate silence—he was right when he said it: these were salutations born of self-interest.

    बशीर बद्र: शेरों का बादशाह, फिर भी विदाई में सूना सन्नाटा, सही कह गए थे – ये मतलबों के सलाम थे

    Mansa Devi Temple in Meerut is associated with the Ramayana period.

    रामायण काल से जुड़ा है मेरठ का मनसा देवी मन्दिर

    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Lucknow: The Fifth 'Bada Mangal' Bhandara Begins Tomorrow—The 'City of Nawabs' to Resound with Chants of Bajrangbali and the Aroma of Rasgullas and Kulfis

    लखनऊ में कल से पांचवां बड़ा मंगल भंडारा: रसगुल्ला-कुल्फी की महक और बजरंगबली के जयकारों से गूंजेगी नवाबों की नगरी

    June 2, 2026
    Tia Bajpai Embarks on a Thrilling Journey with Real Bikers Tia Bajpai’s ‘Mundeya Ve’ Showcases a New Spirit of Freedom and Adventure

    आत्मविश्वास, एडवेंचर और आज़ादी का जश्न है टिया बाजपेयी का नया गीत ‘मुंडेया वे’

    June 2, 2026
    Five Women Honored, Inspired by Ahilyabai Holkar

    अहिल्याबाई होलकर की प्रेरणा से सम्मानित हुईं पाँच महिलाएँ

    June 1, 2026
    Administration Intervenes in Prayagraj to Halt Sanjay Singh's Event Amidst Discussion on Paper Leak Scandal

    पेपर लीक पर चर्चा मामले में प्रयागराज में संजय सिंह का कार्यक्रम रुकवाने पहुंचा प्रशासन

    June 1, 2026
    After the shock, I remembered my responsibilities! Amidst laughter and laughter, a serious message about marriage was conveyed in Lucknow.

    लगा झटका’ तो याद आईं जिम्मेदारियाँ! लखनऊ में हंसी-ठहाकों के बीच साधा शादी का गंभीर संदेश

    June 1, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading