लखनऊ विकास नगर: आग के बाद फरिश्ते पहुंचे
लखनऊ के विकास नगर में 15 अप्रैल की शाम को भीषण आग ने सैकड़ों झुग्गी-झोंपड़ियों को राख कर दिया। एक हज़ार से ज़्यादा लोग बेघर, दो मासूम बच्चों की जान चली गई। लेकिन इस तबाही के बीच एक चमकती रोशनी दिखी, सामान्य लोगों की इंसानियत। मुंबई से लेकर लखनऊ तक के फरिश्ते बिना सरकारी ट्रक के, बिना फोटो-शो के, बस दिल से मदद करने पहुँच गए।
आग लगी झुग्गी में, इंसानियत बन गई सहारा : लखनऊ में फरिश्ते उतरे – हुसैन, इमरान और किन्नर समाज
हुसैन मंसूरी: मुंबई का ‘मसीहा’ जो लखनऊ में बन गया राहत का चेहरा
मुंबई से खास तौर पर लखनऊ पहुँचे हुसैन मंसूरी ने सबसे पहले पीड़ित परिवारों को बर्तन, कुकर, भगोना और रोज़मर्रा की ज़रूरी चीजें बाँटीं। फिर बच्चों को लग्जरी बस में सैर कराई और हर बच्चे को नई साइकिल गिफ्ट कर दी।
लोगों के चेहरों पर लौट आई मुस्कान देखकर हुसैन साहब खुद भावुक हो गए। अनंत अंबानी ने कुछ दिन पहले ही उनकी तारीफ़ की थी आज वो तारीफ़ लखनऊ की सड़कों पर साबित हो रही है।
इमरान खान KYC: ‘अल्लाह की तरफ़ से मदद’ का पैगाम
इमरान खान, जिन्हें लोग ‘KYC फरिश्ता’ कहते हैं, ने हर प्रभावित परिवार को 10-10 हज़ार रुपये की नकद मदद दी। उन्होंने कहा कि “ये अल्लाह की तरफ़ से मदद है। शादी में खर्च कर लो, झोपड़ी बना लो, ज़रूरत की चीजें खरीद लो। हम आगे भी साथ हैं।” धर्म-जाति का भेद मिटाकर सिर्फ़ इंसानियत निभाने वाले इमरान भाई ने साबित कर दिया कि असली मदद चुपके से आती है।
किन्नर समाज: रोज़ कमाएंगे, रोज़ देंगे और कभी अकेला नहीं छोड़ेंगे!
लखनऊ के किन्नर समुदाय ने सबसे अनोखा वादा किया कि “हम रोज़ जो कमाएंगे, वो आपके लिए लाएंगे। आपकी मदद के लिए रोज़ आएंगे। आपको कभी अकेला नहीं छोड़ेंगे। हम हमेशा आपके साथ हैं।” ये शब्द सुनकर आँखें नम हो जाती हैं। समाज का वो तबका, जिसे अक्सर हाशिए पर रखा जाता है, आज पीड़ितों का सबसे बड़ा सहारा बन गया।
सवाल जिम्मेदारों से: आपकी मदद कहाँ है?
जब आम लोग बर्तन बाँट रहे हैं, साइकिल गिफ्ट कर रहे हैं, नकद मदद दे रहे हैं ऐसे में तब सरकारी मशीनरी कहाँ है?
पीड़ित अभी भी खुले आसमान तले सो रहे हैं। राहत सामग्री की कमी है। लेकिन इन फरिश्तों ने दिखा दिया कि इंसानियत किसी सरकारी आदेश का इंतज़ार नहीं करती।
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दुनिया अभी भी अच्छी है-
लखनऊ की इस आग ने सिर्फ़ झोपड़ियाँ नहीं, बल्कि हमारी सोच को भी जला दिया है।
ये हुसैन मंसूरी, इमरान खान और किन्नर भाई-बहन हमें याद दिलाते हैं कि इंसानियत कभी नहीं मरती।
बस उसे ज़िंदा रखने के लिए हमें हर रोज़ कुछ न कुछ करना पड़ता है।
धन्यवाद, इन फरिश्तों को। आपने साबित कर दिया कि दुनिया अभी भी अच्छी है। – प्रस्तुति : सुशील कुमार






