नई दिल्ली। कोलकाता की प्रसिद्ध आध्यात्मिक और प्रेरक वक्ता जया किशोरी ने अपनी पहली किताब इट्स ओके के लॉन्च के साथ लेखन के क्षेत्र में कदम रखा है। यह किताब जीवन की उलझनों और चुनौतियों से जूझ रहे लोगों, खासकर युवाओं, के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में सामने आई है। 3 अगस्त 2025 को एक सादगी भरे समारोह में लॉन्च हुई इस किताब में जया ने अपने जीवन के अनुभवों, आध्यात्मिक दृष्टिकोण और बचपन की प्रेरक कहानियों को संजोया है।
किताब से मिलेगी प्रेरणा और बताएगी उद्देश्य
जया ने बताया कि इट्स ओके का विचार उनके कॉलेज के छात्रों के साथ संवाद से उपजा। “मैं जब युवाओं से मिलती हूं, वे अपनी परेशानियां साझा करते हैं। कई बार वे तनावग्रस्त होते हैं, फिर भी कहते हैं ‘इट्स ओके’ या ‘जस्ट चिल’। यह सुनकर मुझे लगा कि हमें यह समझने की जरूरत है कि कब वाकई में सब ठीक है और कब हमें समस्याओं का सामना करना चाहिए,” जया ने एक साक्षात्कार में कहा। यह किताब पिछले पांच सालों से जया के मन में पनप रही थी। उनके लिए यह केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक भावनात्मक यात्रा थी। “लिखना मेरे लिए आसान नहीं था। कई बार मुझे शुरुआत से लिखना पड़ा। यह मेरे लिए मानसिक और भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण था, लेकिन मैंने अपनी ही किताब के संदेश को अपनाया और उससे शांति पाई,” उन्होंने बताया।
किताब का संदेश देगा जीवन के सबक
इट्स ओके में जया ने जीवन की कठिन परिस्थितियों को समझने और उनका सामना करने की कला पर जोर दिया है। किताब में उनके व्यक्तिगत अनुभव, आध्यात्मिक विचार और बचपन में माता-पिता व दादा-दादी से सुनी कहानियां शामिल हैं, जो आज भी उन्हें प्रेरित करती हैं। “मेरे लिए ये कहानियां सिर्फ कहानियां नहीं, बल्कि जीवन के सबक हैं। मैंने इन्हें किताब में जगह दी ताकि यह पाठकों को भी प्रेरणा दे,” जया ने कहा। किताब का केंद्रीय संदेश है कि जीवन में हर स्थिति चाहे सुखद हो या दुखद को स्वीकार करना और उसका हल ढूंढना महत्वपूर्ण है। जया कहती हैं, “यह किताब आपको सिखाती है कि परेशानियों को समझने का तरीका ही उन्हें सुलझाने का रास्ता खोलता है।”
आज की युवा पीढ़ी के लिए है यह किताब?
जया के अनुसार, इट्स ओके हर उस व्यक्ति के लिए है जो आंतरिक उथल-पुथल या भावनात्मक उलझनों से गुजर रहा है। “यह किताब खासकर आज की युवा पीढ़ी के लिए है, जो अक्सर ज्यादा सोचने और तनाव में डूब जाती है। मैं चाहती हूं कि यह किताब उन्हें रास्ता दिखाए और उनके मन को सुकून दे,” उन्होंने कहा।
संतुलित दृष्टिकोण से देखने की सीख भी देती है किताब
जया की यह किताब न केवल प्रेरणा देती है, बल्कि जीवन को सरल और संतुलित दृष्टिकोण से देखने की सीख भी देती है। “मैं चाहती हूं कि इस किताब को पढ़ने के बाद लोग शांति महसूस करें। वे हर परिस्थिति का सामना करने की हिम्मत जुटाएं और दिल से कह सकें। ‘इट्स ओके’,” जया ने अपनी इच्छा व्यक्त की। जया किशोरी का यह पहला लेखन प्रयास उनके लाखों प्रशंसकों के लिए एक नई प्रेरणा लेकर आया है। उनकी सादगी, गहरी सोच और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से सजी इट्स ओके निश्चित रूप से पाठकों को जीवन की चुनौतियों से निपटने का नया नजरिया देगी।







