लखनऊ : उत्तर प्रदेश के पत्रकारों ने अपनी आवाज को और बुलंद करने के लिए एक अनूठा कदम उठाया है। शुक्रवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति ने राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें पत्रकारों के हितों और कल्याण से जुड़ी कई रचनात्मक और मौलिक मांगें शामिल हैं। यह पहल न केवल पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा के लिए है, बल्कि समाज में उनकी भूमिका को और मजबूत करने का एक प्रयास भी है।

पत्रकारों की मांगें करेंगी जनकल्याण :
ज्ञापन में शामिल मांगें पत्रकारों की पेशेवर और व्यक्तिगत चुनौतियों को संबोधित करती हैं, जो न केवल उनके कल्याण को सुनिश्चित करेंगी, बल्कि समाज में उनकी निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता को भी प्रोत्साहित करेंगी। कुछ प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं: –
- 10 लाख का सामूहिक बीमा: पत्रकारों के जोखिम भरे कार्य को देखते हुए, यह मांग उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने का एक मजबूत कदम है।
- जिला स्तरीय समितियों में प्रतिनिधित्व: प्रत्येक जिले में स्थायी समितियों में पत्रकार समिति के पदाधिकारी को शामिल करने की मांग से स्थानीय स्तर पर उनकी आवाज को बल मिलेगा।
- परिवहन सुविधा: परिवहन निगम की बसों में सहयात्री सुविधा पत्रकारों को क्षेत्रीय खबरों को कवर करने में गतिशीलता प्रदान करेगी।
- शस्त्र लाइसेंस में प्राथमिकता: खोजी पत्रकारिता के दौरान सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए यह मांग उनकी जान-माल की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
- पत्रकारों पर उत्पीड़न से बचाव: आपराधिक मामलों में उत्पीड़न से सुरक्षा की मांग पत्रकारों को निर्भीक होकर काम करने की आजादी देगी।
- पत्रकार आवास और सहकारी समिति: सरकारी आवास और सहकारी समितियों के गठन से पत्रकारों को आर्थिक और सामाजिक स्थिरता मिलेगी।
- उत्तर प्रदेश प्रेस आयोग का गठन: यह मांग पत्रकारिता के पेशे को और अधिक संगठित और सम्मानजनक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
- मुख्यमंत्री पेंशन योजना और चिकित्सा सुविधा: पत्रकारों के लिए पेंशन और निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उनकी दीर्घकालिक सुरक्षा और स्वास्थ्य को सुनिश्चित करेगी।
- प्रेस टूर का आयोजन: यह मांग पत्रकारों को नई जानकारियों और अनुभवों से समृद्ध करेगी, जिससे उनकी पत्रकारिता और अधिक प्रभावशाली बनेगी।
समस्याओं को समझने का आश्वासन :
ज्ञापन सौंपने के दौरान समिति के प्रदेश महासचिव अरुण कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात की। इस दौरान अशोक कुमार नवरत्न, अनिल कुमार सिंह, अनिल त्रिपाठी, संतोष कुमार दीक्षित और परवेज़ अहमद जैसे पत्रकार भी मौजूद रहे। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने इस मुलाकात में पत्रकारों की भूमिका को सराहा और उनकी समस्याओं को समझने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, “आप लोग समाज को नई दिशा दिखाने का कार्य करते हैं। मैं आपकी समस्याओं को समझती हूँ और इसके निस्तारण के लिए सरकार को अवश्य लिखूँगी।”
पत्रकारों में उत्साह
मुलाकात के बाद पत्रकारों ने उत्साह जताया और कहा कि उनकी मांगों पर शीघ्र अमल होने से न केवल उनका पेशेवर और सामाजिक कल्याण सुनिश्चित होगा, बल्कि यह समाज में सच्चाई और निष्पक्षता की आवाज को और मजबूती देगा। यह पहल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक नई उम्मीद की किरण लेकर आई है, जो इस पेशे को और सम्मानजनक बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।
बता दें कि यह ज्ञापन केवल मांगों का एक दस्तावेज नहीं, बल्कि पत्रकारों के आत्मसम्मान और उनकी समाज में भूमिका को रेखांकित करने का एक प्रयास है। ये मांगें न केवल पत्रकारों के जीवन को बेहतर बनाएंगी, बल्कि समाज को भी एक ऐसी पत्रकारिता का लाभ मिलेगा जो निर्भीक, निष्पक्ष और रचनात्मक हो।







