मुसलमान युवा समय बेकार नहीं करे
हैदराबाद, 19 जनवरी। इन दिनों देश में भंसाली की मूवी ‘पद्मावत’ को लेकर एक बार विवाद शुरु हो गया है। जहां करणी सेना ‘पद्मावत’ की रिलीज होने पर दंगा होने की बात कर रही हैं तो वहीं हैदराबाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने विवादित हिंदी फिल्म ‘पद्मावत’ को बकवास बताया है।उन्होंने मुसलमानों से फिल्म न देखने का निवेदन किया है। वारंगल शहर में सभा संबोधित करते हुए ओवैसी ने मुसलमानों,खासतौर पर युवाओं से ‘पद्मावत’ न देखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ वक्त और पैसे की बर्बादी है। ओवैसी ने कहा,फिल्म बकवास है। ‘पद्मावत’ को देखने में मुसलमान युवा अपना समय बर्बाद न करें। संयोग से इस फिल्म की कहानी एक मुसलमान लेखक ने लिखी है। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा ‘पद्मावत’ एक ‘मनहूस’ और ‘गलीज’ फिल्म है। उन्होंने कहा,इस फिल्म को मत देखिए। भगवान ने आपको यह 2 घंटे की फिल्म देखने के लिए नहीं बनाया है। उन्होंने आपको एक अच्छे जीवन के लिए और उस जीवन में अच्छे काम करने के लिए बनाया है, जिससे आपको सदियों तक याद रखा जाए।
ओवैसी ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 सदस्यों का पैनल बकवास फिल्म के रिव्यू के लिए गठित किया,जिसने कई दृश्य हटवाए। यह कहानी कवि मलिक मोहम्मद जायसी ने 1540 में लिखी थी लेकिन इसका कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं है। इसके बावजूद उपन्यास पर आधारित फिल्म को दिखाने के लिए सरकार काफी दिलचस्पी दिखा रही है।उन्होंने कहा,जब बात मुस्लिम कानून (ट्रिपल तलाक मुद्दे) की आती है तो प्रधानमंत्री मुस्लिम नेताओं से सुझाव लेना जरूरी नहीं मानते।’
एमआईएम नेता ने कहा कि मुसलमानों को उन राजपूतों से कुछ सीखना चाहिए,जो अपनी रानी के समर्थन में खड़े हैं। ओवैसी ने कहा,वे हमें आइना दिखा रहे हैं।वे इस मुद्दे पर एक साथ खड़े हुए हैं और नहीं चाहते कि मूवी दिखाई जाए। हालांकि,मुसलमान बंट जाते हैं। वे इस्लाम के नियमों में बदलाव होने पर भी आवाज बुलंद नहीं करते हैं। वीएचपी नेता प्रवीण तोगड़िया के मुद्दे पर ओवैसी ने कांग्रेस की चुटकी लेते हुए कहा कि दोहरा रवैया रखने वाले लोग हॉस्पिटल में मुलाकात करते हैं। तोगड़िया एंटी मुस्लिम और एंटी इस्लाम बयान देते हैं और कांग्रेस ऐसे शख्स का समर्थन कर रही है।







