रैना ने कहा कि अच्छे प्रदर्शन के बावजूद जब उन्हें टीम में जगह नहीं मिली तो काफी दुख हुआ
नई दिल्ली, 16 फरवरी। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए टीम इंडिया में वापसी करने वाले धाकड़ बल्लेबाज सुरेश रैना ने खुद को टीम से बाहर जाने के बारे में बड़ा बयान दिया है। रैना ने कहा कि अच्छे प्रदर्शन के बावजूद जब उन्हें टीम में जगह नहीं मिली तो काफी दुख हुआ। हालांकि अब मैं दोबारा टीम में आ गया हूं और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
एक हिंदी न्यूज चैनल से बातचीत में रैना ने कहा कि जब अच्छे प्रदर्शन के बाद भी मुझे टीम से बाहर कर दिया गया तो मुझे बहुत दुख हुआ। हालांकि अब मैंने यो-यो टेस्ट पास कर लिया है और काफी मजबूत महसूस कर रहा हूं। ट्रेनिंग के इन मुश्किल दिनों के दौरान भारतीय टीम की तरफ से खेलने के लिए मेरा जज्बा और मजबूत ही हुआ। रैना ने कहा कि मुझे यहीं नहीं रुकना है, जितना हो सके उतना मुझे भारत के लिए खेलना है।
आगामी विश्वकप के बारे में रैना ने कहा, मुझे 2019 विश्व कप में खेलना है क्योंकि मुझे पता है कि मैंने इंग्लैंड में अच्छा प्रदर्शन किया है। अभी मेरे अंदर काफी क्रिकेट बाकी है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 3 मैचो में अच्छा प्रदर्शन करने को लेकर मैं आश्वस्त हूं। रैना ने अपने उम्र के सवाल को लेकर कहा कि मैं 31 साल का हूं लेकिन उम्र के कोई मायने नहीं होते हैं। जिस दिन मेरे मैच के कपड़े मेरे पास आए मुझे वैसा ही लगा जैसे कि मैं डेब्यू करने जा रहा हूं। ये मेरे लिए काफी खास था।
रैना आखिरी बार भारतीय जर्सी में पिछले साल इंग्लैंड के खिलाफ टी20 मैच में नजर आए थे। बेंगलुरु में खेले गए फाइनल मुकाबले में उन्होंने 63 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली थी। इसके बाद यो-यो टेस्ट में फेल होने के कारण उन्हें टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। रैना ने बताया कि टीम से बाहर रहने के दौरान उन्हें परिवार का पूरा साथ मिला वो उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी।
रैना ने आगे बताया कि वापसी के लिए मैंने काफी सारा घरेलू क्रिकेट खेला और यो-यो टेस्ट पास करने पर जोर दिया। राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी बेंगलुरु में मैंने काफी कड़ी मेहनत की। रैना ने कहा, अपने क्रिकेटिंग करियर के दौरान वह काफी फिट रहे हैं लेकिन कभी-कभी चोट लगने की वजह से फिटनेस खराब हो जाती है।
टीम इंडिया की वनडे टीम में नंबर 4 पोजीशन को लेकर चल रही जद्दोजहत को लेकर रैना ने कहा एकदिवसीय क्रिकेट में इस स्थान पर बल्लेबाजी काफी परेशानी होती है। रनों का पीछा करते वक्त जब नंबर 4 बल्लेबाज को मौका मिलता है तो परिस्थितियां विपरीत होती हैं। मुझे लगता है कि नंबर 4 और 5 का क्रम मेरी बल्लेबाजी स्टाइल के लिए अनुकूल है।







