बुजुर्ग पत्रकार जय शंकर राय सहित कई गणमान्य हुए सम्मानित
गाजीपुर । भांवरकोल ब्लाक मुख्यालय के समीप सहरमाडीह स्थित त्रिलोचन कीर्ति स्तंभ का चौथा स्थापना दिवस समारोह हर्षोल्लास एवं धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत परिसर स्थित कुलदेवी की पूजन वैदिक मंत्रोचार के बीच हवन -पूजन के साथ पर प्रार्थना किया गया। इस मौके पर बुजुर्ग पत्रकार जय शंकर राय सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले लोगों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इसके बाद सभी कश्यप गोत्रीय भू- ब्राह्मणों का एक सम्मेलन किया गया।
सम्मेलन में मुख्य अतिथि राजगुरु मठ के पीठाधीश्वर अनंतानंद सरस्वती ने किनवार कीर्ति स्तंभ की वार्षिक पत्रिका” किनवारिका” का विमोचन किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए किनवार समाज के संरक्षक इंजीनियर अरविंन्द कुमार राय ने कहा कि किनवार वंश का इतिहास काफी गौरवशाली रहा है। उन्होंने कहा कि त्रिलोचन दिक्षित गढ़वाल वंश के नवरत्नों में से एक थे ।
उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है की काशी के दशाश्वमेध घाट पर जो यज्ञ हुआ था उसके पुरोहित त्रिलोचन दीक्षित ही थे। उन्होंने कहा किर्ति स्तम्भ से सभी लोगो को जोड़ा जाएगा साथ ही इस वंश का कल्याण जिस प्रकार हो सके जिसके लिए सार्थक प्रयास किया जाएगा । उन्होंने उपस्थित लोगों का आवाह्न करते हुए कहा कि समाज के लोग एकजुट होकर समाज के कमजोर परिवारो, असहायों की हरसंभव मदद के लिए आगे आए ।
उन्होंने कहा मुझे जो भी समाज का आदेश होगा मैं हमेशा तैयार हूं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि राजगुरु मठ के पीठाधीश्वर अनंतानंद सरस्वती कि हमारा समाज अपने अधिकारों को स्वयं अपनी वीरता के बल पर लेता है।हमारा समाज वंशवाद व किसी पद की लालसा का इच्छुक नही रहा है। हम देश की सेवा किये है इसका गौरवशाली इतिहास रहा है।
इस मौके पर डॉ० अविनाश प्रधान ने कहा कि समाज को अगर आगे बढ़ना है तो वह अपने समाज के गरीब असहाय लोगो की मदद करें। उन्होंने कहा दहेज जैसी कुरितियों पर गंभीरता से विचार करना होगा। कहा सहकार के साथ ही समाज का उत्थान सम्भव है । संगठन समाज के कमजोर तबके के लिए आज संकल्पित होने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि समाज के लोग किर्ति बचाने के लिए समाज के बौधिक लोग आगे आकर समाज को दिशा दें। उन्होंने कहा कि कीर्ति स्तंभ किनवार वंश की नींव डालने वाले त्रिलोचन दीक्षित की स्मृति में बना है। कहा इतिहास के अनुसार कर्नाटक के ब्राह्मण वंशीय अमोघ दीक्षित के पुत्र त्रिलोचन दीक्षित की इच्छा उत्तर भारत मे बसने की हुई। अपने पिता से आज्ञा लेकर वे इस सहरमाडीह में बसे जहाँ से कश्यप गोत्रीय किनवार वंश की नींव पड़ी । कार्यक्रम की अध्यक्षता किनवार समाज के अध्यक्ष संन्तोष राय ने सभी आगंतुकों का आभार जताया।
कार्यक्रम का ओजपूणऀ संचालन डॉ0 व्यासमुनी राय ने किया । इस मौके पर साहित्यकार रामबदन राय, , भाजपा के वरिष्ठ नेता विजयशंकर राय,भाजपा नेता वीरेंद्र राय ,चौधरी दिनेश राय, राय,डॉ० राम बदन राय,प्रेमशंकर राय, राजेंद्र राय,, शारदानंद राय उफऀ लुटुर राय, , बेनीमाधव राय, जि० पंचा०प्रतिनिधि अनिल मुन्ना, विनोद राय, विमलेश राय, डा0 राजेंद्र राय, डा० बरमेश्वर राय, बिजयशंकर राय, मुक्तिनाथ राय, देवेन्द्र प्रताप सिंह, राजेश राय पिंटू, विनय राय , बबलू राय, रविकांत उपाध्याय, हिमांशु राय, कबि दिनेश राय, नागा दूबे, कमलेश शर्मा, पंकज राय,सहित काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।







