जब विराट कोहली ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जोहान्सबर्ग में 102 गेंदों पर अपना 52वाँ वनडे शतक पूरा किया, तो पूरा क्रिकेट जगत एक पल के लिए रुक सा गया। स्टेडियम में तालियाँ गूँजीं, कमेंट्री बॉक्स में हर्ष भोगले की आवाज़ भर्राई और सोशल मीडिया पर सचिन तेंदुलकर का पुराना रिकॉर्ड टूटने की खबर ट्रेंड करने लगी। हाँ, विराट कोहली अब वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। सचिन के 49 को पीछे छोड़कर 52 तक पहुँच गए।
52वां शतक जड़कर तोड़ा सचिन तेंदुलकर का महारिकॉर्ड
लेकिन यह महज़ एक आंकड़ा नहीं है। यह उस लड़के की जिद की जीत है जो 2008 में एक पतले-दुबले नवोदित के रूप में टीम में आया था और आज क्रिकेट के सारे बड़े रिकॉर्ड्स को एक-एक कर अपने नाम कर रहा है। सचिन ने यह रिकॉर्ड 463 वनडे पारियों में बनाया था, कोहली ने 294 पारियों में ही यह कर दिखाया। यानी करीब 170 पारियाँ कम। यह अंतर ही बयान करता है कि आधुनिक क्रिकेट में कोहली किस बेमिसाल स्तर पर खेल रहे हैं।

सचिन भगवान हैं, यह बात कोई नहीं भूलता। लेकिन कोहली ने कभी सचिन से मुकाबला नहीं किया, बल्कि उनके बनाए रास्ते पर दौड़ते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है। हर बार जब वे शतक पूरा करते हैं, तो पहले हेलमेट उतारकर आसमान की ओर देखते हैं, फिर मैदान की ओर झुकते हैं। यह नजारा अब हम सबकी यादों में बस गया है।
52वाँ शतक कोई आखिरी पड़ाव नहीं है। यह तो बस एक और मील का पत्थर है। जिस तेज़ी से कोहली फिटनेस, फोकस और भूख को बनाए हुए हैं, वह दिन दूर नहीं जब वे सचिन के कुल 100 अंतरराष्ट्रीय शतकों के रिकॉर्ड को भी चुनौती देंगे। अभी वे 83 पर हैं। 17 शतक और।
क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यह दौर सुनहरा है। हम एक जीते-जागते लीजेंड को अपने सामने रिकॉर्ड्स की दीवार तोड़ते देख रहे हैं। सचिन ने हमें सपने दिखाए थे, कोहली उन्हें पूरा कर रहे हैं।
शुक्रिया सचिन।
शुक्रिया विराट।
क्रिकेट को ऐसे ही महान बनाते रहो।







