अलका प्रमोद के मंच संचालन और आशा श्रीवास्तव की वाणी वंदना के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में निवेदिता श्री ने डा. स्मिता के जीवन के अनछुए पहलुओं को साझा किया। डा. रश्मि शील ने एहसास की 56 कविताओं, डा. करुणा पाण्डे ने ट्रामा बॉन्डिंग और विनीता मिश्रा ने फिर मिलूंगी की समीक्षा की, जिसमें मानवीय संबंधों और जीवन के सत्य को सरल भाषा में प्रस्तुत करने की सराहना की गई।
मुख्य अतिथि प्रो. शोभा बाजपेयी और अध्यक्ष पूर्व डीजीपी महेश चन्द्र द्विवेदी ने लेखिका के भावनात्मक और सामाजिक लेखन की प्रशंसा की। आईपी फाउंडेशन की अध्यक्ष डा. उषा दीक्षित ने तीनों कृतियों को सामाजिक कार्य और प्रेरक अनुभवों का सार बताया।







