लखनऊ, 22 जून : लखनऊ के ऐशबाग क्षेत्र में स्थित मोतीझील मजारवाली पार्क में पिछले एक महीने से लाखों लीटर पानी की बर्बादी हो रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पार्क में एक नया टूयूब वेल बनाया गया है जिसका सुबह से शाम तक पानी का फिल्टरेशन चल रहा है, जिसके कारण पानी सड़कों पर बह रहा है और आसपास के घरों में घुस रहा है। इस समस्या से न केवल जल संकट गहरा रहा है, बल्कि पार्क में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों के लिए बैठने या व्यायाम करने की जगह भी नहीं बची है।
पार्क में पानी निकासी की कोई व्यवस्था न होने के कारण स्थिति और गंभीर हो गई है। पानी सड़कों से होता हुआ लोगों के घरों तक पहुंच रहा है, जिससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। स्थानीय निवासी और दुकानदार शारिक ने बताया, “एक तरफ पानी की किल्लत है, दूसरी तरफ यहां लाखों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। दुकानदार शारिक ने बताया कि टूयूब वेल का चार-पांच दिन तक फिल्टरेशन तो ठीक था, लेकिन अब तो एक महीने से ज्यादा फिल्टरेशन हो गया, जिससे कीमती पानी बर्बाद हो रहा है।”
यहाँ के निवासियों ने इसकी शिकायत स्थानीय पार्षद ममता चौधरी से की। पार्षद ने समस्या पर दुख जताते हुए कहा, “मैंने इस मामले की शिकायत दर्ज की थी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब इसे मीडिया के जरिए उठाना पड़ेगा, तभी समाधान संभव है।”
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार की ओर से लगाई गई व्यायाम मशीनें भी पानी में डूबने के कारण बेकार पड़ी हैं। पार्क में पानी भरे होने से बच्चे खेल नहीं पा रहे, और बुजुर्गों को टहलने में भी दिक्कत हो रही है।
उन्होंने कहा कि जल संरक्षण की बातें करने वाली कहावतें तब बेमानी लगती हैं, जब ऐसी लापरवाही से पानी की बर्बादी हो रही है। निवासियों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है, ताकि पानी की बर्बादी रोकी जाए और पार्क को फिर से उपयोग योग्य बनाया जाए। फिलहाल, समस्या जस की तस बनी हुई है, और लोग समाधान का इंतजार कर रहे हैं।







