लखनऊ । शनिवार रात डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में बिजली गुल हो गयी। बिजली पूरी रात और पूरा दिन गायब रही, करीब 21 घंटे तक बिजली गुल होने से गर्मी में मरीज बेहाल हो गए। आईसीयू और एनआईसीयू समेत दूसरे विभागों में एसी नहीं चले, जिसकी वजह से गंभीर मरीजों की जान पर संकट बन गया। बिजली आपूर्ति न होने से इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित रहीं।
गौरतलब है कि शनिवार रात करीब एक बजे अस्पताल की बिजली बंद हो गयी। बिजली जाने से इमरजेंसी व वार्ड में अंधेरा छा गया। अचानक बिजली गुल होने से तीमारदारों ने हंगामा शुरू किया। आनन-फानन अधिकारियों ने जनरेटर चलवाए। जनरेटर चलने के बाद मरीजों ने राहत की सांस ली। उधर अधिकारी व कर्मचारी यह पता लगाने में जुट गए कि आखिर बिजली क्यों गुल हो गयी। तीन इंजीनियर, आठ इलेक्ट्रीशियन समेत अन्य कर्मचारियों ने खराबी की तलाश शुरू की।
रविवार दोपहर करीब 12 बजे अंडरग्राउंड केबल में खराबी का पता चला। प्राइवेट वार्ड के पीछे आठ फिट जमीन में केबल पड़ी है। केबिल फाल्ट खोजने तथा जमीन खोदकर उसे बनाने के लिए जेसीबी की जरूरत थी। रविवार की वजह से आठ घंटे बाद बड़ी मुश्किल से जेसीबी मशीन मिली। उसे खुदाई का काम शुरू हुआ। लेकिन 11केवी केबल की लाइन करीब आठ फिट नीचे थी। खुदाई के दौरान मशीन टूट गई। इसलिए काम बीच में ही रुक गया। इसके बाद अधिकारियों ने दूसरी मशीन की खोजबीन शुरू की, काफी जद्दोजहद के बाद दूसरी मशीन मिली तब कहीं जाकर खुदाई हो सकी।
गर्मी से मरीज व तीमारदार हुए परेशान
बिजली गुल होने से भर्ती मरीजों को खासी पेरशानी झेलनी पड़ी। मरीज गर्मी से बेहाल रहे। हालांकि मरीजों को राहत देने के लिए जनरेटर चलाए गए। तीमारदारों का कहना था कि जनरेटर भी बीच-बीच में बंद हो जाता था जिससे उनकी परेशानी कम नहीं हुई। आर्थोपैडिक, मेडिसिन व जनरल सर्जरी समेत दूसरे विभागों में पंखे भी चलना बंद हो गए। तीमारदार हाथ के पंखे से मरीजों को राहत पहुंचाने की कोशिश करते रहे। वहीं पानी का भी संकट रहा। बाथरूम में भी पानी खत्म हो गया। पीने के पानी की तलाश में मरीज भटकते रहे।







