मैडम कोरोना जिसका रोना सारा विश्व रो रहा है, देश विदेश में अपने तफानी जलवे बिखेर कर भारत में पिछले तीन-चार महीनों से डेरा डाले हुए है और भरपूर कोशिश में है कि यहाँ पर भी उसका जलावा चले, उसका साम्राज्य कायम हो, लेकिन भारत सरकार द्वारा उसे हर तरह की दुविधा प्रदान करने की कोशिश की जा रही है, ताकि उसका साम्राज्य भारत की धरती पर नहीं फैले और वह अपने मुँह की खाकर जहाँ से आई वहीं चली जाए। पिछले दिनों अपने उत्पात के बाद कोरोना ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। जैसे ही मैडम कोरोना प्रेस कॉन्फ्रेंस में आई देश के प्रसिद्ध अख़बारों, चैनलों के पत्रकारों ने सवालों से धमाल मचा दी।
पत्रकार- मैडम आज आप जितनी आक्रमक है, क्या बचपन से ही आप आक्रमक रही है?
मैडम कोरोना- देखिए मेरा जन्म चीन के वुहान की एक लैब में हुआ और वहीं मैं बड़ी हुई। मैं किसकी संतान हूँ ये बात कोई नहीं जानता, क्योंकि अनेक वैज्ञानिक उस लैब में है, जिनका योगदान मेरे जन्म में रहा है। जन्म से मुझे मजबूत बनाने का हर सम्भव प्रयास किया गया और उसके कारण मेरी आक्रमकता बढ़ती ही गई। सबके पहले मेरी आक्रमकता का शिकार मुझे जन्म देने वाले ही बने।
पत्रकार- तो मैडम क्या आप नाजायज और आवारा औलाद है। जो पूरी दुनिया को परेशान कर रही है?
मैडम कोरोना- ये सही है कि मैं आवारा हूँ. पर नाजायज नहीं क्योंकि मैं चीन के घर में पैदा हुई तो वो ही मेरी माँ है। मेरे पिता कौन है ये मेरी मॉ के अलावा कोई नहीं जानता। यह बात अलग है कि डायन भी अपनो को छोड़ देती है। पर मैने चीन को सबसे पहले चपेट में लिया और इटली और दूसरी जगह गई।
पत्रकार- मैडम आप देश-विदेश घुम कर भारत क्यों आई। पहले आने का प्लान नहीं बनाया?
मैडम कोरोना- मुझे मेरे जन्मदाता ने पैदा ही सारे विश्व की तबाही के लिए किया है। और मैं कई देशों में पहुंच कर भी संतुष्ट नहीं हुई हूँ, अपना साम्राज्य और फैलाना है मुझे उसी क्रम में भारत आई हूँ लेकिन यहाँ मेरी उम्मीदे पूरी होती नहीं दिख रही है।
पत्रकार- तो क्या लगता है आपको आपकी भारत यात्रा असफल रहेगी?
मैडम कोरोना- सरकार के रवैये को देखते हुए तो ऐसा ही लग रहा है। यहाँ की सरकार हाथ धो कर मेरे पीछे पड़ी है। लोग सरकार की बात मान रहे है और हाथ धो रहे है। मास्क लगा रहे है। घरों से नहीं निकल रहे है। जिसके कारण मुझे अपना साम्राज्य बढ़ने की उम्मीद नहीं लग रही है।
पत्रकार- मैडम आपने यहाँ जमातियों से रिश्तेदारी करने की कोशिश की थी उसका क्या हुआ?
मैडम कोरोना- अपनी आंख तितेरते हए पत्रकार को देखा और बोली देखिए जमात के साथियों ने मुझे स्वीकार कर लिया था और मेरे उनके साथ सम्बध भी बन गये थे पर आपकी भारत सरकार ने मेरे जमाती शोहरों को पकड़कर उनकी नसबंदी करना शुरु कर दिया जिससे मेरे अंश खत्म होते जा रहे है। कुछ में मेरा अंश है वो मुझसे तलाक ले कर कोरोंटाइन में बैठे है। जो कि मेरे लिए चिंता की बात है।
पत्रकार- तो क्या मैडम हम यह मान ले कि आप अपना साम्राज्य भारत में नहीं फैला सकेगी?
मैडम कोरोना- साम्राज्य तो नहीं फैला लेकिन रायता तो फैला ही दिया है। कुछ दबे-छुपे मेरे जमाती शोहर है, जो अक्ल के लठ्ठ है, मर कर भी मुझे जिंदा रखेंगे। सरकार कितनी भी कोशीश कर ले जब तक मेरे तबलीगी शौहर दबे-छपे हए मेरे साथ है मैं मरते दम तक भारत पर कब्जा करने का प्रयास करूंगी। आप ये समझ ले जब तक मेरा एक भी शौहर जिंदा है मैं बेवा नहीं कहलाऊंगी। आपकी सरकार मेरे कितने शौहर मारेगी यह देखती हूँ।
पत्रकार- मैडम आप भारतवासियों से निराश तो है फिर भी यहाँ के लोगों और सरकार के लिए आप क्या कहेंगी?
मैडम कोरोना- मेरा तो एक ही भारत की जनता से निवेदन है कि मुझसे गले मिलो मेरे शौहरों से गले मिलो हम आप को सीधे जन्नत में भेज देंगे। भारत सरकार से अपील करूंगी कि मुँह पर मास्क लगाने, सोशल डिस्टेंस बनाने की बात और अपने घरों में रहने की बात करना वे बंद करें। और विदेशों को जो दवा वे भेज रहे है वह भी नहीं भेजे वरना मेरे अस्तित्व का खतरा हो सकता है। लोग जल्दी स्वर्गवासी बन सके इसके लिए मुझे सबका सहयोग चाहिए। सबका साथ होगा तो ही मेरा विकास होगा।
हास्य-व्यंग्य: संदीप सृजन से साभार







