उज्जैन, 28 दिसम्बर। महाकाल की नगरी उज्जैन में अगले महीने जनवरी में बारह ज्योतिर्लिंगों के समागम का दिव्य एवं अद्भुत शैव महोत्सव आयोजित किया जायेगा। राज्य शासन के संस्कृति विभाग एवं महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा नये वर्ष से प्रथम सप्ताह में होने वाले तीन दिवसीय शैव महोत्सव से यह परंपरा प्रारंभ की जाएगी। उज्जैन में पांच से सात जनवरी तक आयोजित होने वाले शैव महोत्सव में सभी बारह ज्योतिर्लिंगों के प्रतिनिधि, सन्त, महात्मा एवं विद्वान उपस्थित होंगे तथा आध्यात्मिक मंथन करेंगे। यह महोत्सव प्रति वर्ष भारत के अलग-अलग ज्योतिर्लिंगों में आयोजित किया जाएगा।
पूरे विश्व में द्वादश ज्योतिर्लिंग भगवान शिव की पूजा के पावन स्थल हैं। भक्तों को उज्जैन की धरती पर सभी ज्योतिर्लिंगों की एक साथ अनुभूति होगी। इस महोत्सव में विश्व स्तर पर द्वादश ज्योतिर्लिंगों के महात्म्य का प्रसारण, विभिन्न शैव दर्शनों पर परिचर्चा एवं प्रदर्शनी का आयोजन, हिन्दू धर्म, संस्कृति एवं दर्शन पर गहन विचार मंथन एवं चिन्तन होगा। इसके अलावा द्वादश ज्योतिर्लिंगों के प्रबंधन एवं समन्वय, सामाजिक लोक उत्तरदायित्व के कार्यों का विस्तार किए जाने पर विचार एवं इसके माध्यम से सामाजिक समरसता की स्थापन का कार्य करने पर मंथन होगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार महोत्सव के अन्तर्गत तीन दिनों तक चार स्थलों पर शैव दर्शन आदि पर परिचर्चाएं आयोजित की जाएंगी। इसके लिये सनातन व्यासपीठ, स्वामी सन्तदास उदासीन आश्रम नृसिंह घाट, सनक व्यासपीठ बालमुकुन्द आश्रम झालरिया मठ, सनन्दन व्यासपीठ बालमुकुन्द आश्रम झालरिया मठ और सनत कुमार व्यासपीठ महाकालेश्वर मंदिर के प्रवचन हॉल में बनाई गई हैं। कार्यक्रम के पहले दिन पांच जनवरी को द्वादश ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृतियों के साथ शोभायात्रा का आयोजन किया जाएगा। यह शोभायात्रा महाकालेश्वर मन्दिर से प्रारंभ होकर प्रमुख मार्गों से होते हुए पुन: महाकाल मन्दिर तक आएगी।







