Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Wednesday, April 15
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»नवरात्र

    आदिशक्ति मां कात्यायनी अपने साधकों को देती हैं स्पेसटाइम का ज्ञान

    ShagunBy ShagunMarch 25, 2026Updated:March 25, 2026 नवरात्र No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Mother Katyayani
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 390

    नवरात्रि का छठवां दिन छठे चक्र ‘आज्ञा चक्र’ के जागृत करने को समर्पित, साधक साधारण त्रि-आयामी से हो जाता है चार-आयामी, जिससे साधक भूत, वर्तमान और भविष्य तीनों एक साथ देख सकता है अर्थात वो हो जाता है त्रिकालदर्शी

    अलका शुक्ला

    चैत्र नवरात्रि का छठा दिन आदिशक्ति के उस प्रचंड और तेजस्वी स्वरूप ‘माँ कात्यायनी’ को समर्पित है, जो अधर्म के विनाश और धर्म की विजय का साक्षात घोष है। महर्षि कात्यायन की कठिन तपस्या से प्रसन्न होकर उनके घर पुत्री रूप में अवतरित होने के कारण इनका नाम ‘कात्यायनी’ पड़ा। स्वर्ण के समान चमकते दिव्य वर्ण वाली माँ की चार भुजाएँ हैं, जिनमें वे एक हाथ में तलवार और दूसरे में कमल धारण किए हुए हैं, जबकि शेष दो हाथ अभय और वरद मुद्रा में हैं। सिंह पर सवार माँ का यह रूप उस पराक्रम का प्रतीक है जिसने महिषासुर जैसे अजेय असुर का अंत किया था। यह दिन हमें सिखाता है कि भक्ति का अर्थ केवल कोमलता नहीं, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर अन्याय के विरुद्ध प्रखर संघर्ष भी है।

    आध्यात्मिक गहराई में उतरें तो माँ कात्यायनी का सीधा संबंध हमारे शरीर के छठे ऊर्जा केंद्र आज्ञा चक्र से है, जो दोनों भौंहों के मध्य स्थित है। योग विज्ञान के अनुसार, यह चक्र अंतर्ज्ञान, दूरदर्शिता और मानसिक स्पष्टता का केंद्र है। जब साधक की ऊर्जा विशुद्धि चक्र (कंठ) से ऊपर उठकर आज्ञा चक्र ( तीसरी आंख) तक पहुँचती है, तो वह माया के बंधनों से मुक्त होने लगता है और उसे त्रिकाल का बोध होने लगता है। अर्थात भूत, वर्तमान, और भविष्य तीनों कालों को एक साथ जी सकता है, उन्हें देख और महसूस कर सकता है बिल्कुल वास्तविकता की तरह।

    तीनों कालों (भूत, वर्तमान, भविष्य) को एक साथ देखने के लिए चार आयामों की आवश्यकता होती है, जिसमें तीन स्थान (लंबाई, चौड़ाई, ऊँचाई) और चौथा आयाम समय के रूप में शामिल होता है। वर्तमान को त्रि-आयामी के रूप में अनुभव किया जाता है, और जब इसमें समय की रेखा को एक चौथे आयाम के रूप में जोड़ा जाता है, तो यह स्पेसटाइम बनाता है।

    आइंस्टीन के सापेक्षता के सिद्धांत में, समय और स्थान को मिलाकर एक चार-आयामी स्पेसटाइम बनता है, जो ब्रह्मांड की सभी घटनाओं को एक साथ समझने का ढांचा प्रदान करता है।

    मां कात्यायनी की उपासना इस ‘तीसरी आँख’ को जाग्रत करती है, जिससे साधक को सत्य और असत्य के बीच का सूक्ष्म और तीनों कालों का भेद स्पष्ट दिखाई देने लगता है। आज्ञा चक्र की सक्रियता व्यक्ति को आत्म-साक्षात्कार की दहलीज पर खड़ा कर देती है।
    इस स्वरूप के पीछे छिपा वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक रहस्य अत्यंत विस्मयकारी है। विज्ञान की दृष्टि से आज्ञा चक्र का संबंध हमारी पीनियल ग्रंथि से है, जिसे ‘सीट ऑफ द सोल’ भी कहा जाता है। यह ग्रंथि मेलाटोनिन हार्मोन को नियंत्रित करती है, जो हमारी नींद, सतर्कता और जैविक घड़ी का आधार है। माँ कात्यायनी के मंत्रों का ध्यान जब इस बिंदु पर केंद्रित होता है, तो मस्तिष्क की गामा तरंगें सक्रिय होती हैं, जिससे एकाग्रता और स्मृति शक्ति में असाधारण वृद्धि होती है। मनोविज्ञान के स्तर पर, कात्यायनी स्वरूप ‘शत्रु विनाश’ का प्रतीक है, जहाँ वास्तविक शत्रु बाहर नहीं बल्कि हमारे भीतर के डर, संशय और नकारात्मक विचार हैं।

    छठे दिन के लिए लाल या मैरून रंग का विशेष महत्व है, जो शक्ति, साहस और विजय का प्रतीक है। क्रोमोलॉजी के अनुसार, लाल रंग रक्त के संचार को उत्तेजित करता है और आत्मविश्वास की कमी को दूर करता है। माँ कात्यायनी की पूजा विशेष रूप से उन लोगों के लिए फलदायी मानी जाती है जो जीवन के संघर्षों में स्वयं को कमजोर महसूस करते हैं। इनका संदेश स्पष्ट है, ज्ञान, शक्ति और अभ्यास का समन्वय ही अंतिम विजय का मार्ग है। यह साधना का वह अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ाव है जहाँ भक्त अपनी बौद्धिक सीमाओं को लांघकर अतीन्द्रिय अनुभव की ओर कदम बढ़ाता है।

    Shagun

    Keep Reading

    An Era Fading Before Our Eyes: The Legacy of Baberu!

    आँखों के सामने ओझल होता एक युग: बबेरू की वो विरासत!

    Akhilesh issues a stern warning to those vandalizing Baba Saheb's statue: "This is a long battle, and it will be fought with determination."

    बाबा साहेब की मूर्ति खंडित करने वालों को अखिलेश की बड़ी चेतावनी ‘ये लड़ाई लंबी है, मजबूती से लड़ी जाएगी’

    Chief Minister Yogi Adityanath addresses public grievances during 'Janata Darshan'.

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में सुनी जनसमस्याएँ

    Sankat Haran Panchmukhi Hanuman Temple Foundation Day: Bhajans Resound Amidst Sundarkand Recitation; Community Feast (Bhandara) Held.

    संकटहरण पंचमुखी हनुमान मंदिर का स्थापना दिवस : सुन्दरकाण्ड पाठ के साथ गूंजे भजन, चला भण्डारा

    Social Worker Rupesh Pandey's Mother Passes Away; Wave of Grief Sweeps Through Champaran

    समाजसेवी रुपेश पाण्डेय की माता श्री का निधन, चंपारण में शोक की लहर

    Symphoria Musical Night: The Golden Era of Laxmikant-Pyarelal Comes Alive in Lucknow

    सिम्फोरिया म्यूजिकल नाइट: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का गोल्डन एरा जीवंत हुआ लखनऊ में

    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    An Era Fading Before Our Eyes: The Legacy of Baberu!

    आँखों के सामने ओझल होता एक युग: बबेरू की वो विरासत!

    April 14, 2026
    Saudi Arabia issues a stern warning to the US: Lift the blockade on the Strait of Hormuz, or oil supplies will be cut off! — Trump also faces a massive setback from China.

    सऊदी अरब ने अमेरिका को साफ चेतावनी दी: होर्मुज ब्लॉकेड हटाओ, वरना तेल सप्लाई रुक जाएगी!, ट्रंप को चीन से भी ज़बरदस्त झटका

    April 14, 2026
    Akhilesh issues a stern warning to those vandalizing Baba Saheb's statue: "This is a long battle, and it will be fought with determination."

    बाबा साहेब की मूर्ति खंडित करने वालों को अखिलेश की बड़ी चेतावनी ‘ये लड़ाई लंबी है, मजबूती से लड़ी जाएगी’

    April 14, 2026

    कौवे से पंगा न लीजियेगा क्योंकि कौवे कभी चेहरा भूलते नहीं!

    April 14, 2026
    Chief Minister Yogi Adityanath addresses public grievances during 'Janata Darshan'.

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में सुनी जनसमस्याएँ

    April 14, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading