ममता ने कहा, यहां न कोई डिटेंशन सेंटर बनेगा, न ही एनपीआर का कोई कार्य होगा
नई दिल्ली, 28 दिसंबर, 2019: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि जब तक वह जीवित हैं, तब तक बंगाल में सीएए लागू नहीं होगा और न ही डिटेंशन सेंटर बनेगा। ममता ने नैहाटी उत्सव के उद्घाटन मौके पर कहा कि किसी को भी देश या राज्य छोड़ने की जरूरत नहीं है। बंगाल में कोई भी डिटेंशन सेंटर नहीं खुलेगा। कोई भी देश के नागरिकों के अधिकार नहीं छीन सकता।
उन्होंने सीएए के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा कि वह क्यों इस तानाशाही कानून के खिलाफ प्रदर्शन नहीं कर सकते? केंद्र सरकार प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। उन्हें विविद्यालयों से निलंबित करा रही है। जब मैं जादवपुर की सांसद थी, तब मैंने शरणार्थी भाई-बहनों से वादा किया था कि उन्हें बिना किसी शर्त के जमीन दी जाएगी। मैंने अपनी बात रखी और संसद में इसके लिए आवाज उठाई।

सत्ता में आने के बाद हमने आधिकारिक रूप से 94 कॉलोनियों का गठन किया। वे सभी लोग जो 1971 या उससे पहले भारत आए हैं, वे यहां के नागरिक हैं।
’जन गण मन‘‘ ने एकजुट रहने के लिए प्रेरित किया : ममता ने कहा कि राष्ट्रगान ‘‘जन गण मन‘‘ ने देशवासियों को एकजुट रहने के लिए प्रेरित किया है। ममता ने नोबेल पुरस्कार से सम्मानित रवींद्रनाथ टैगोर को याद किया, जिन्होंने ‘‘जन गण मन‘‘ की रचना की थी।
अमित शाह ने दिया जवाब कहा: किसी की भी नागरिकता नहीं छीनी जाएगी
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में कांग्रेस पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसी से भी उसकी नागरिकता नहीं छीनी जाएगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा सरकार की दूसरी वर्षगांठ पर शिमला में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए शाह ने अपने आधे घंटे के भाषण में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) का बचाव किया।
कहा: कांग्रेस एंड कंपनी सीएए के साथ अल्पसंख्यकों की नागरिकता छीनने की फैला रही है अफवाह
उन्होंने कहा कि किसी से भी नागरिकता नहीं छीनी जाएगी। शाह ने कहा कि कांग्रेस एंड कंपनी अफवाह फैला रही है कि सीएए के साथ अल्पसंख्यकों की नागरिकता छीन ली जाएगी। शाह ने नई दिल्ली में जारी सीएए विरोध प्रदर्शन पर कहा, ‘‘राहुल बाबा को मैं चुनौती देता हूं कि वह अधिनियम में एक भी धारा दिखाएं, जिसमें किसी की नागरिकता छीनने का प्रावधान हो।’ उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के तहत अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित किसी की भी नागरिकता छीनने का कोई प्रावधान नहीं है। श्री शाह ने कहा कि इस अधिनियम में बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का प्रावधान है।







