पटना, 26 मई। इस ईद निरहुआ एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के बैनर की फिल्म ‘बॉर्डर’ में यूं तो कई खास चीजें देखने को मिलेगी, मगर उसमें एक चीज सबसे खास है, वो है प्रवेश लाल यादव के जीवन का महत्वपूर्ण राज। प्रवेश लाल यादव इस फिल्म में खुद भी अभिनय करते नजर आयेंगे, जबकि वे रियल लाइफ में आर्मी मैन यानी सेना के जवान रह चुके हैं। 2002 में भारतीय सेना जॉइन करने वाले प्रवेश ने नासिक के देवलाली में 35 सप्ताह की कठिन ट्रेनिंग की, जिसके बाद उनकी झांसी में पोस्टिंग हुई। उसके बाद वे कठुआ और फिर जम्मू कश्मीर के पूंछ राजौरी इलाके में बतौर गनर तैनात थे।
उन्होंने इस फिल्म में अपने रियल लाइफ को अनुभव को भुनाया है। इसके अलावा फिल्म की अन्य कास्ट को भी उन्होंने अपने ट्रेनिंग पीरियड के अनुभवों के बारे में बताया और फिल्म में सैनिक के परफेक्शन को दिखाया गया है। इस बारे में उन्होंने कहा कि सैनिक का जीवन काफी कठिन और चाइलेंजिंग होता है, जो फिल्म ‘बॉर्डर’ के जरिये हम दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। मुझे लोक गायकी विरासत में मिली है। इसलिए मैं जब आर्मी में था, तब भी अपने साथियों को गाने सुनाता था। इस दौरान सेना के जवान मुझे प्रोत्साहित भी करते थे। फिर 2016 में मेरे अंदर के कलाकार ने उफान मारा और अपने सीनियर अधिकारियों की मदद से अपने भाई जुबली स्टार निरहुआ की सानिध्य में मुम्बई आ गया।
उन्होंने कहा कि मुंबई में मैंने बैरी जॉन के एक्टिंग क्लास में एडमिशन लेकर अपनी अभिनय क्षमता को निखारा और बतौर अभिनेता उनकी पहली फ़िल्म चलनी के चालल दूल्हा की शूटिंग 2007 में शुरू हुई । चलनी से चालल दूल्हा से लेकर ईद पर रिलीज हो रही बॉर्डर तक उन्होंने कई किरदारों को जीवंत किया है ।






