हर लड़की अपनी शादी को लेकर खूबसूरत सपने देखती है-प्यारा पति, अच्छा सा परिवार। और जब उसकी शादी तय हो जाती है तो वह इस ऊहापोह में भी रहती है कि ना जाने कैसा होगा उसका पति और परिवार। पति उसके मन की बातें समझेगा कि नहीं, परिवार में उसे प्यार मिलेगा या नहीं, सास-ननद-देवर का उसके प्रति कैसा व्यवहार रहेगा? ऐसे कई सवाल उसके मन के हिंडोले में डोलते रहते हैं। ऐसे सवाल स्वाभाविक भी हैं, क्योंकि वह एक नए परिवेश, नए परिवार का हिस्सा जो होने जा रही होती है।
अगर किसी लड़की की सहेली या बड़ी बहन के साथ कोई ऐसी घटना हुई होती है, जो पति-ससुराल को लेकर एक डरावनी तस्वीर बनाती है, तो ऐसे में लड़की बहुत ज्यादा असमंजस में होती है, उसके भीतर नकारात्मक भाव बसे होते हैं, ये पूर्वाग्रह ससुराल में सबके प्रति एक शंका के भाव रखते हैं, ऐसे में नववधु परिवार में अपने रिश्तों को वो मधुर रूप नहीं दे पाती, जो रिश्तों की शुरुआत में नींव के लिए जरूरी हैं। इसलिए नववधु को किसी पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर नहीं, सकारात्मक भाव से ससुराल की देहरी पर कदम रखना चाहिए। इस भरोसे के साथ कि उसका साजन और उसका परिवार उसके जीवन में नई खुशियां भरेंगे और वह भी उन्हें वो खुशियां देगी, जो घर में आई एक नई दुल्हन से परिवार उम्मीद रखता है।
सबसे जरूरी हैं सकारात्मक भाव
जीवन की हर डगर पर सकारात्मक भाव बहुत जरूरी हैं, इससे हमारे भीतर नई आशाएं जन्म लेती हैं, जो जीवन में उमंग भरती हैं, यही उमंग हमें ही नहीं दूसरों को भी खुशी का अहसास देती हैं। माहौल खुशगवार बनता है, जो किसी भी परिवार के लिए जरूरी है। कहने का आशय यह है कि जब आप अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत करने जा रही हैं, तो अपनी सोच को पूरी तरह सकारात्मक रखें, जीवन की शुरुआत में किसी भी तरह के नकारात्मकता को बिल्कुल न आने दें।
माना कि आपके लिए सब-कुछ नया है, नया घर, नए संबंध और अलग-अलग स्वभाव वाले लोग- कुछ नरम, कुछ गरम। ऐसे में अपने पति ही नहीं नए परिवार के सभी सदस्यों के दिलों में जगह बनाने में थोड़ा समय लगेगा ही। तो अच्छा सोचें और मीठा बोलें, इससे आपको सामने से भी ऐसी ही सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलेगी, जो रिश्तों में मिठास घोलेगी, संबंधों की मजबूत नींव रखेगी, जो ताउम्र आपको परिवार के साथ जोड़कर रखेगी।
न भूलें परिवार के अन्य सदस्यों को
नववधु घर के अन्य सदस्यों को भी न भूले, बुजुर्गो यानी ददिया सास-श्वसुर का विशेष ध्यान रखें, वे आपका प्यार-आदर पाकर निहाल हो जाएंगे। उनका आशीर्वाद आपको हमेशा सुखी रखेगा। घर में अगर छोटे बच्चे हैं तो उन्हें प्यार देकर उनका दिल जीतें।
जिएं खूबसूरती से नए रिश्ते
शादी के बाद लड़कियां नई भूमिकाओं में आ जाती हैं, उनकी जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं। उनके साथ नए रिश्तों की उम्मीदें भी जुड़ जाती हैं। इन सब जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बैठाना आसान नहीं होता, एक नई उम्र की लड़की के लिए। ऐसे में बड़े धैर्य और समझदारी की जरूरत होती है। पति का दिल जीतने में कोई ज्यादा दिक्कतें नहीं आतीं, वो तो आपके अपने हैं, आपके पिया हैं लेकिन परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मीठे रिश्ते बनाने में थोड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है।
इनके साथ जरा सी चूकी नहीं कि तमाम सवालों से घिर जाएंगी। अगर कभी कोई गलती या भूल हो जाए तो उसे सहज भाव स्वीकार लें। बता दें, अभी आप कुछ बातों से अनभिज्ञ हैं, आगे से ध्यान रखेंगी। नए परिवार के रीति-रिवाज समझने के लिए आप घर के बड़े-बूढ़ों की मदद ले सकती हैं। वे जरूर अपनी नई-नवेली बहू की मदद करेंगे। वे कभी नहीं चाहेंगे कि उनकी बहू कोई ऐसी गलती करे, जिससे जग-हंसाई हो।
सास से हो संबंधों की बेहतर शुरुआत
सास-बहू का नाता तो बहुत ही अहम होता है। याद रखें कि जिस भरे-पूरे परिवार में आपने पैर रखा है, उसे आपकी सास ने बड़े जतन से संवारा है, उसके पीछे उनकी सालों की मेहनत है। अब यह जिम्मेदारी आपकी की भी बनती है कि परिवार आपस में जुड़ा रहे, खुशहाली बनी रहे। सासु मां से आपके संबंध की बेहतर शुरुआत बहुत जरूरी है, जिससे मां जैसी सास का प्यार के साथ जरूरी अनुभव आपको मिलते रहें।
उन्हें पूरा आदर-सम्मान दें, बदले में आपको उनका ढेर सारा प्यार मिलेगा। साथ ही अगर आप वर्किंग हैं, तो उनका आपको बहुत बड़ा सपोर्ट मिलेगा। तो आपके दिमाग में अगर सास की ट्रेडिशनल इमेज हो तो इसे निकाल दें, क्योंकि अब सास-बहू के संबंध बहुत बदल चुके हैं। अब सास, मां बनकर अपनी बहू की चिंता अपनी बेटी की तरह करती हैं, आप भी उनकी प्यारी बेटी बनिए। अब तो सास ही नहीं श्वसुर भी पिता की तरह अपनी बहू को पूरा लाड़-प्यार देते हैं।
नन्ही ब्रिगेड घर में आपके तारीफ के पुल बांधते नहीं थकेगी। इसके अलावा अपनी ननद और देवर को कभी न भूलें, आप उनकी भाभी हैं, उनके ख्वाहिशों को पूरा करने में मददगार बनिए। इस तरह आपका बड़प्पन पाकर वे आपके अपने बन जाएंगे और जरूरत पड़ने पर वे ही आपकी मदद के लिए सबसे पहले आएंगे और आपको पूरा संबल देंगे।
कहने का सार यही है कि शादी जीवन का वो खूबसूरत मोड़ है, जहां पहुंचकर हम अपने रिश्तों में नए रंग ही नहीं भरते, वो राहें भी पाते हैं, जो खुशहाल जिंदगी की ओर ले जाती हैं, बशर्ते हम शादी को लेकर अपनी सोच सकारात्मक रखें।







